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Pilibhit News: शारदा नदी कटान करती हुई ध्रुव कॉलोनी के समीप पहुंची

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गोरखडिब्बी में ठोकरोंं पर शुरू कराया गया बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण
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पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर उतरने पर गांव हजारा, शास्त्रीनगर सहित अन्य गांवों में स्थिति अब सामान्य होने लगी है। गांव खिरकिया बरगदिया के पास शारदा नदी का पानी सुतिया नाले में जाने से नाला उफना गया है। इससे शारदा नदी तेजी से कटान करते हुए ध्रुव कॉलोनी की ओर बढ़ रही है। ध्रुव कॉलोनी सुतिया नाले से 50 मीटर दूर रह गई है। कई लोगों के घर नदी के मुहाने पर आ गए हैं। तेजी से कॉलोनी की ओर बढ़ रही नदी से लोगों में खलबली मची है।
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शुक्रवार सुबह से कटान की गति धीमी रही। मगर दोपहर बाद फिर नदी ने कटान तेजी से शुरू कर दिया। नदी कटान करती हुई ध्रुव कॉलोनी की ओर बढ़ रही है। कॉलोनी से नदी की दूरी करीब 50 मीटर रह गई है। सुतिया नाले के समीप ध्रुव कॉलोनी के वासदेव, कुनकुन, मनोज, अनिल, जियूथ के घर सुतिया नाले के निशाने पर आ गए हैं। इससे कॉलोनी के लोगों में खलबली मच गई है।







पिछले साल कराया गया बचाव कार्य हुआ क्षतिग्रस्त



पूरनपुर। सुतिया नाला के समीप कटान से पिछले साल भी ध्रुव कॉलोनी से नदी कुछ दूरी पर ही रह गई थी। तब बाढ़ खंड की ओर से करीब 425 मीटर में बचाव कार्य कराया था। इससे पिछले साल ध्रुव कॉलोनी का अस्तित्व बच गया था। तेजी से हो रहे कटान से पिछले साल कराया गया बचाव कार्य अब क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे लोग ध्रुव कॉलोनी को खतरा होना तय माना जा रहा है।
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शारदा नदी के कटान से ठोकरें कमजोर, किसानों की जमीन और फसलें खतरे में
- ठोकर संख्या 27 का आगे का भाग क्षतिग्रस्त करने के बाद ठोकर संख्या 29 और 30 के बीच भी कटान शुरू



संवाद न्यूज एजेंसी

कलीनगर (पीलीभीत)। शारदा नदी का जलस्तर भले ही घट गया हो, लेकिन किनारे बसे ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्राम पंचायत नगरिया खुर्द कला के भूड़ागोरख डिब्बी क्षेत्र में ठोकर संख्या 27 के आगे के भाग को क्षतिग्रस्त करने के बाद नदी ने ठोकर संख्या 29 और 30 के बीच भी कटान तेज कर दिया है। इससे किसानों में बेचैनी बढ़ गई है।

कलीनगर तहसील क्षेत्र के तराई इलाके में वर्षा ऋतु से पूर्व सिंचाई विभाग ने भूड़ागोरख डिब्बी क्षेत्र में कई ठोकरों का निर्माण कराया था। ठोकर संख्या 27 सहित कई स्थानों पर जिओ सेट और पत्थर की पिचिंग लगाई गई थी, लेकिन हाल ही में शारदा के बढ़े जलस्तर और दबाव के चलते इन ठोकरों के भीतरी हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। नदी ने पहले ठोकर संख्या 27 के भीतर वाले भाग को अपना निशाना बनाया।
अब शारदा नदी ने डाउनस्ट्रीम में ठोकर संख्या 29 और 30 के बीच भी कटान शुरू कर दिया है। कटान से किसानों की जमीनें और खड़ी फसलें खतरे में हैं। कई स्थानों पर केले और अन्य फसलें कटान की चपेट में आने लगे हैं। किसानों का कहना है कि हर दिन शाम को शारदा का जलस्तर बढ़ जाता है और उसी समय कटान तेज हो जाता है।


कटान रोकने के लिए बिछवाया जिओ तिरपाल



भूड़ा गोरख डिब्बी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कार्य सही तरीके से नहीं कराया। जहां जिओ सेट लगाकर पत्थर की पिचिंग की गई थी, वहां नीचे रेत भर दी गई थी, जो पानी के दबाव में बह गई और ठोकर बैठ गई। इसी लापरवाही के चलते ठोकर संख्या 28 का भीतरी हिस्सा भी शारदा नदी में समा गया। फिलहाल, शारदा सागर खंड के अभियंताओं ने कटान रोकने के लिए ठोकर संख्या 29 और 30 के बीच जिओ तिरपाल बिछवाया है और कुछ स्थानों पर झाड़-झंखाड़ भी डलवाए गए हैं।


नोमैंस लैंड पर कटान जारी, मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति

नोमैंस लैंड के डाउनस्ट्रीम में भी स्थिति खराब है। यहां पर बाढ़ खंड द्वारा पूर्व में कराए गए अस्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्यों को शारदा नदी पहले ही बहा ले जा चुकी है। पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने के बाद जगबूड़ा और शारदा नदी ने इस क्षेत्र में कटान तेज किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब फिर विभाग केवल आधे-आधे बोरे में रेत भरकर खानापूरी कर रहा है, जो पानी के बढ़ते ही बह जाएगा।




ठोकर संख्या 27 के आगे का भाग क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं होगा। अस्थायी कार्य शुरू करा दिए गए हैं। - पीके गौतम, अधिशासी अभियंता, शारदा सागर खंड

गोरखडिब्बी में ठोकरोंं पर शुरू कराया गया बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण

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