पीलीभीत। ई-वाहनों की खरीद पर वाहन स्वामियों को मिलने वाली सब्सिडी की नियमावली वाहन खरीदारों की राह में रोड़ा बन रही है। यही वजह है कि ई-वाहन खरीदने वाले वाहन स्वामियों की अपेक्षा सब्सिडी लेने वालों की संख्या नाममात्र ही है।
ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ वाहन स्वामियों को दिया जा रहा है। ई-कार की खरीद पर वाहन स्वामी को एक लाख रुपये और ई-बाइक की खरीद पांच हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। मगर सब्सिडी के लाभ के नियम-निर्देश वाहन स्वामियों को परेशान कर रहे हैं। आवेदकों को आवेदन करने के कई माह बाद भी सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 361 वाहनों का ई-वाहन के रूप में पंजीकरण है। इसमें ई-बाइक 337 और 24 ई-कारें शामिल है। इन वाहन स्वामियों में महज 41 वाहन स्वामियों ने विभाग में सब्सिडी योजना के लिए आवेदन किया है। इसमें से भी कुछ ऐसे आवेदक हैं। जिनका आवेदन तो हुआ है, लेकिन एक लंबी समयावधि बीत जाने के बाद भी सब्सिडी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया भी बन रही रोड़ा
ई-वाहन खरीदने वाले वाहन स्वामी को स्वयं ही संबंधित पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसमें उसे आरसी सहित अन्य दस्तावेजों को अपलोड करना होगा। इसके बाद संबंधित डीलर के पास फाइल को ऑनलाइन माध्यम से भेजा जाएगा। वहां से फाइल एआरटीओ कार्यालय भेजी जाएगी। बाद में विभागीय जांच पड़ताल के बाद फाइल को शासन में भेजा जाएगा। इसके बाद दोबारा से जांच पड़ताल पर आवेदक के खाते में सब्सिडी की धनराशि भेजी जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदक को विभाग के पोर्टल पर आवेदन कराना है।
वर्जन
सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। शासन स्तर से ही सब्सिडी आवेदक के खाते में पहुंच रही है। विभागीय स्तर से की जाने वाली प्रक्रिया को समय से पूरा करने के निर्देश कर्मचारियों को निर्देश दिए गए है। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ।