पूरनपुर। शारदा नदी पार रोडवेज बसों का संचालन न होने से लोगों को आवागमन के लिए डग्गामार या फिर निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है। पैंटून पुल हटने के बाद तो शारदा पार के लोगों को रोडवेज बस से आवागमन करने को लखीमपुर खीरी के खजुरिया कई किलोमीटर की दूरी तय कर जाना पड़ता है। वहां से भी पर्याप्त रोडवेज बसों का संचालन न होने से लोग भटकते हैं। यहीं हाल शारदा नदी के इस ओर बसे गांवों के लोगों का है।
तहसील क्षेत्र के शारदा नदी पार सोलह ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उफज़् टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर मेंं करीब एक लाख आबादी है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक़ों के अलावा परिवहन की भी सुविधा नहीं है। शारदापार के अलावा नदी के इधर किनारे के गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, ढक्काचांट, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में भी रोडवेज की सुविधा नहीं है। शारदा नदी के इस पार के लोगों को निजी वाहनों या फिर डग्गामार वाहनों से तहसील मुख्यालय को आवागमन करना पड़ता है। शारदा नदी पार के लोगों को तो रोडवेज बस से आवागमन करने को लखीमपुर खीरी के खजुरिया जाना पड़ता है। यहां से भी मात्र दो बसें ही चलती है। संवाद