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Pilibhit News: बारिश में उधड़ीं सड़कों की परतें, टनकपुर हाईवे पर भी जानलेवा गड्ढे

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गांधी स्टेडियम पर हॉटमिक्स सड़क पर हुए गहरा गड्ढा। संवाद
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टनकपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी, रास्ता बदलकर निकलते हैं राहगीर, रात में रहता है हादसे का डर
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पीलीभीत। कई दिनों से हो रही बारिश ने शहर से लेकर टनकपुर हाईवे तक सड़कों की हालत खस्ताहाल कर दी है। जगह-जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी भरने से इनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने एवं हादसे का खतरा बना रहता है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर राहगीर मुख्य मार्ग छोड़कर दूसरे रास्तों से निकलने को मजबूर हैं। इसके बावजूद नगर पालिका और स्टेट हाईवे के जिम्मेदारों की ओर से अब तक व्यापक स्तर पर मरम्मत नहीं कराई गई है। संवाद
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उखड़ गई हॉटमिक्स, बन गए गहरे गड्ढे
शहर के गांधी स्टेडियम मार्ग पर करीब चार वर्ष पहले हॉटमिक्स से सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण के समय सड़क की गुणवत्ता को लेकर तमाम दावे किए गए थे, लेकिन इस बार की बारिश में मार्ग की स्थिति खराब हो गई है। गांधी स्टेडियम के आसपास बस्ती के नजदीक कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। पानी भरने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से परेशान हैं।
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टनकपुर हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे
टनकपुर हाईवे शहर का प्रमुख मार्ग है। इस पर प्रतिदिन हजारों दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के बाद मार्ग पर कई जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें पानी भरने से वाहन चालकों को गड्ढों का पता नहीं चल पाता। दिन में तो किसी तरह चालक बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। कई स्थानों पर गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। हाईवे के आसपास कई स्कूल होने के कारण सुबह और दोपहर के समय स्कूली वाहनों और बच्चों की आवाजाही भी रहती है।
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गड्ढों में चला गया डालचंद मोहल्ले का मुख्य मार्ग
मोहल्ला डालचंद की पेपर ब्लॉक सड़क भी बारिश की मार नहीं झेल सकी। मार्ग की कई सीमेंट की ईंटें उखड़ गई हैं और जगह-जगह जलभराव हो गया है। करीब तीन से चार हजार की आबादी वाले इस मोहल्ले के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। हालत यह है कि लोग मुख्य मार्ग से निकलने के बजाय पतली गलियों का सहारा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया।

नखासे की गलियों में जलभराव से कीचड़
शहर के मोहल्ला नखासे की कई गलियों की स्थिति भी बारिश के बाद खराब हो गई है। गलियों में जगह-जगह गड्ढे और जलभराव होने से दिनभर कीचड़ की स्थिति बनी रहती है। लोगों को घरों से निकलने में भी परेशानी होती है। मोहल्ला पहले से ही मलिन बस्ती क्षेत्र में शामिल है। विकास को लेकर डूडा की ओर से सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
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बारिश थमने पर कराई जाएगी मरम्मत
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि शहर में जिन स्थानों पर सड़कें खराब हुई हैं, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है। बारिश रुकने के बाद सभी मार्गों को दुरुस्त कराया जाएगा। छोटे-मोटे गड्ढों की शिकायत मिलने पर उसे तत्काल भरवाया जा रहा है।

गांधी स्टेडियम पर हॉटमिक्स सड़क पर हुए गहरा गड्ढा। संवाद

गांधी स्टेडियम पर हॉटमिक्स सड़क पर हुए गहरा गड्ढा। संवाद

गांधी स्टेडियम पर हॉटमिक्स सड़क पर हुए गहरा गड्ढा। संवाद

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