ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली केतली और मिक्सर ग्राइंडर की खेप पकड़ी
पुलिस ने बिलसंडा स्थित संजू इलेक्ट्रॉनिक्स के दुकान और गोदाम पर मारा छापा, 55 नकली उपकरण और कंपनियों के स्टीकर मिले, दुकान संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बिलसंडा। कस्बे में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री का मामला सामने आया है। कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत पर बिलसंडा पुलिस ने संजू इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रतिष्ठान और गोदाम पर छापा मारकर ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड के नाम की 30 नकली इलेक्ट्रिक केतली और प्रेस्टिज के 25 नकली मिक्सर ग्राइंडर बरामद किए। इसके अलावा प्रेस्टिज के पांच और ऊषा कंपनी का एक स्टीकर भी मिला। पुलिस ने बरामद माल को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। मामले में दुकान संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर निवासी प्रभात कुमार गुप्त ने बिलसंडा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड व टीटीके प्रेस्टिज लिमिटेड की ओर से ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के उल्लंघन के मामलों में कंपनी के प्रतिनिधि हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि बिलसंडा थाना क्षेत्र में एक विक्रेता दोनों कंपनियों के नाम और कॉपीराइट का गलत इस्तेमाल कर नकली इलेक्ट्रिक उपकरणों की खरीद-बिक्री और सप्लाई कर रहा है।
शिकायत के आधार पर 27 अगस्त को वह थाने पहुंचे और पुलिस को प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया। पुलिस टीम के साथ वह बृहस्पतिवार रात जांच के लिए रवाना हुए। टीम कस्बे के बीसलपुर रोट स्थित मेन बाजार में संजू इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रतिष्ठान और गोदाम पर पहुंची। वहां रजत जायसवाल मिला। उसने खुद को प्रतिष्ठान के स्वामी संजू जायसवाल का पुत्र बताया। पुलिस और कंपनी प्रतिनिधि ने दुकान व गोदाम की जांच की तो ऊषा के 30, इलेक्ट्रिक केतली, प्रेस्टिज के 25 मिक्सर ग्राइंडर, प्रेस्टिज के पांच स्टीकर और ऊषा का एक स्टीकर बरामद हुआ।
बरामद सामान के संबंध में मौके पर कोई बिल, अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरशिप का लाइसेंस या कंपनियों से संबंधित अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद बरामद सामान को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने सामान को अलग-अलग गत्ते के बक्सों और प्लास्टिक के कट्टों में पैक कर सील किया। स्टीकरों को लिफाफे में रखकर कब्जे में लिया गया।
सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला कॉपीराइट एक्ट के तहत पाया गया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। बरामद सामान की जांच और उसके स्रोत के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। संवाद