फिलहाल दोनों डिवीजन को मिलाकर बनाई गईं दो टीमें
वन संरक्षक वीके सिंह ने वनाधिकारियों की बैठक कर टाइगर रिजर्व और बार्डर क्षेत्र में आए हाथियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाथियों का वन में आना शुभ संकेत है। हाथी और जनता की सुरक्षा के लिए हाथी बचाव दल गठित किया जाएगा जो लोगों में जागरूकता के साथ बचाव का काम भी करेगा।
शुक्रवार को टाइगर रिजर्व मुख्यालय पहुंचे वनसंरक्षक ने दोनों डिवीजन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जंगल हाथियों का कॉरीडोर रहे हैं लेकिन किन्हीं कारणों से जिले से हाथी चले गए थे, जो अब फिर लौटने लगे हैं। यह टाइगर रिजर्व के लिए शुभ संकेत हैं। उन्होंने कहा देश, क्षेत्र और रेंज का निर्धारण हम मनुष्य या अधिकारी कर सकते हैं लेकिन पशु-पक्षियों के लिए कोई सीमा नहीं है। वह स्वच्छंद हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आए हाथियों को बेहतर वातावरण मिला है, इसलिए उनके वापस जाने की संभावना नहीं दिख रही है। फिलहाल अभी कुछ दिन हाथी इसी क्षेत्र में रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में हाथी बचाव दल गठित किया जा रहा है। यह दल हाथियों के आने पर शोर शराबा कर उन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखने के साथ ही जनता को भी इनके प्रति जागरूक करेगा और बचाव के तरीके समझाएगा। बैठक में टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार, दोनों एसडीओ डीपी सिंह व केपी सिंह, सभी रेंजर, डिप्टी रेंजर थे।
गुन्हान में बनेगा वाच टॉवर
वनसंरक्षक ने बताया गुन्हान क्षेत्र में लकड़ी का वॉच टॉवर बनाया जाएगा। इस पर एक वनकर्मी तैनात रहेगा। उसे मोबाइल फोन और वायरलेस अदिया जाएगा। वह हाथियों के आने-जाने की सूचना समय पर समीपवर्ती गांवों एवं वनकर्मियों को देगा।