पीलीभीत। मनरेगा कार्य में फर्जी हाजिरी लगाकर खेल किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से हुई शिकायत पर मनरेगा लोकपाल ने जांच की। मामला सही पाए जाने पर लोकपाल ने बीसलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत लुहिचा के रोजगार सेवक पर एफआईआर दर्ज कराए जाने की संस्तुति की है। सचिव, प्रधान और तकनीकी सहायक से वसूली के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल को सोशल मीडिया के माध्यम से बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव लुहिचा में कराए गए मनरेगा कार्य में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया कि गांव के मुख्य मार्ग से करनपुर लायकराम तक सड़क निर्माण कराया गया। इसमें मनरेगा श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है। मामले को संज्ञान लेते हुए मनरेगा लोकपाल ने पूरे मामले की जांच करने का निर्देश बीडीओ को दिया। जांच करने वाले अधिकारियों ने भी जांच रिपोर्ट में खेल किया। इसमें पक्षों का बचाव किया गया। ऐसे में संबंधित कर्मचारियों को कार्यालय पर आकर पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी कोई भी अपना पक्ष रखने के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस पर लोकपाल मनरेगा ने 50 फीसद श्रमिकों की फर्जी उपस्थिति मानते 66,150 रुपये का दुरुपयोग पाया। धनराशि दुरुपयोग के मामले में प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से आधे-आधे रुपये वसूलने के निर्देश दिए। वहीं रोजगार सेवक के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की संस्तुति की है।
मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल वर्मा ने बताया कि मनरेगा कार्य में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। ऐसे में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की गई है। संवाद