पीलीभीत का रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो।
पीलीभीत। शाहजहांपुर रेलखंड से जुड़ाव न होने से पीलीभीत-शाहजहांपुर पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से देर रात भी ट्रैक खाली रहता है। जनप्रतिनिधियों ने कई बार रेलखंड पर ट्रेन संचालन को लेकर पत्राचार किया लेकिन उनके पत्रों को तबज्जो नहीं मिली। इससे क्षेत्रीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 2018 से शाहजहांपुर-पीलीभीत रेल मार्ग पर ब्राडगेज का कार्य शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2022 में इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। मीटरगेज से ब्राडगेज में बदलने पर लोगों में आस जगी कि अब लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे बड़े शहरों के लिए आवागमन में आसानी होगी। चार वर्ष बीतने के बाद भी इस रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। पीलीभीत-शाहजहांपुर को जाने वाले ट्रेनें शाहजहांपुर तक ही पहुंच रही है। जबकि बड़ी रेलवे लाइन से इस ट्रैक से जोड़ा नहीं जा सका है। ऐसे में लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए क्षेत्रीय लोग पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर पहुंचकर लंबी यात्रा को कर रहे है। संवाद
पीलीभीत का रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो।
पीलीभीत का रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो।