सूखे के आसार देख जर्जर शारदा डैम में पानी का भंडारण शुरू
शारदा डैम से हरदोई ब्रांच को नहीं मिल रहा पानी, किसानों को दिक्कत
जिले की प्रमुख नहरों को भले ही मरम्मत के नाम पर सूखा रखा गया हो, लेकिन प्रदेश में जिस तरह से गर्मी ने दस्तक दी है, उसकेे चलते सूखे के आसार दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में सिंचाई विभाग ने एक बार फिर बिना मरम्मत कराए ही जर्जर शारदा डैम को भरना शुरू कर दिया है। हालांकि अभियंता बांध की खराब स्थिति के चलते पूरे समय तक इसे क्षमता से भरा रख पाएंगें या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा।
प्रदेश के विभाजन के बाद उत्तराखंड बनने के बावजूद सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हुआ था। इसी के चलते उत्तराखंड में पड़ने वाले शारदा बैराज सहित उससे निकलने वाली शारदा मुख्य नहर की देखरेख का जिम्मा उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के पास है। इसे सिंचाई विभाग का हेडवर्क्स खंड और तीन सब डिवीजन देखती हैं।
शारदा मुख्य नहर से कई नहरों को मिलता है पानी
शारदा मुख्य नहर को ब्रिटिश काल में 1926 में बनाया गया था। इस नहर की टेल को जनपद के बाइफरकेशन में डाला गया था। शारदा मुख्य नहर की लंबाई 45 किमी है। यह सिंचाई की प्रमुख नहर है। बाइफरकेशन से उप नहर के जरिए रायबरेली तक लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। हरदोई नहर की लंबाई 249 किमी है। बाइफरकेशन से ही मुख्य नहर से 198 किमी लंबी लखीमपुर खीरी ब्रांच नहर निकाली गई है। इससे पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ और बाराबंकी तक पानी दिया जाता है। शारदा मुख्य नहर से ही 74 किमी लंबी बीसलपुर ब्रांच और 95 किमी लंबी निगोही ब्रांच नहर निकाली गई है। इससे पीलीभीत और शाहजहांपुर को पानी दिया जाता है। हरदोई ब्रांच से 34 किमी लंबी माधोटांडा रजवाहा को निकालकर उससे डेढ़ दर्जन माइनर बनाकर पूरनपुर तहसील की फसलों की सिंचाई की जाती है।
गर्मी से दिखने लगे हैं सूखे के आसार
सिंचाई विभाग ने करीब डेढ़ महीने से हरदोई ब्रांच नहर को मरम्मत के नाम पर बंद कर रखा है। प्रदेश में सूखे के आसार को देखते हुए जर्जर शारदा डैम में ही पानी का भंडारण शुरू किया गया है। अभियंता दिखावे को पूरी क्षमता से डैम भरने का खेल कुछ समय के लिए कर सकते हैं, लेकिन वास्तव में सूखा पड़ा तो शारदा मुख्य नहर ही ऐसी है जो पानी की भरपाई कर सकती है। इस नहर की मरम्मत को मिले साढ़े पांच करोड़ रुपये से मात्र औपचारिकताएं ही निभाई गई हैं। ऐसे में सूखा के दौरान सिंचाई के लिए पानी की किल्लत पैदा हो सकती है।
शारदा डैम को भरने के भी पड़ सकते हैं लाले
शारदा सागर डैम की देखरेख करने वाले अभियंता बताते हैं कि पानी का रोस्टर अधीक्षण अभियंता के स्तर से जारी होता है और उन्हीं के आदेश से डैम में पानी भरना शुरू किया गया है। तीन दिन पूर्व डैम में पानी का भंडार 610.90 फीट था और अब 611.80 फीट हो गया है, लेकिन यदि हरदोई और खीरी ब्रांच में नहर पानी छोड़ा गया तो शारदा डैम भरने के भी लाले पड़ जाएंगे।