पीलीभीत। उत्तराखंड के हरिद्वार में दो बाघों के शिकार और उनके पंजे काटे जाने की घटना के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन सतर्क हो गया है। बाघों की सुरक्षा को देखते हुए पीटीआर में हाई अलर्ट जारी कर सभी रेंजों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
वन अधिकारियों को जंगल क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल करीब 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। पिछली बाघ गणना के अनुसार यहां 71 से अधिक बाघ मौजूद हैं, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या 85 से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ऐसे में हरिद्वार में हुई घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। जंगल सीमा, वन चौकियों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों को रात के समय भी लगातार निगरानी रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि हरिद्वार में बाघों की मौत की घटना के बाद एहतियातन पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। संवाद