पूरनपुर में राइस मिल गेट पर मजदूर का शव रखकर धरना देकर प्रदर्शन करते लोग।संवाद
पूरनपुर। धान मिल में मजदूर की मौत के बाद मुआवजा न मिलने और अस्पताल में भर्ती साथी का इलाज न कराने को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने मिल गेट पर मृतक का शव रखकर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर विधायक बाबूराम पासवान, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह और पुलिस मौके पर पहुंच गई। धान मिल संचालक से वार्ता के बाद दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
सिरसा मार्ग स्थित शिवा राइस मिल में शुक्रवार को ड्रायर (धान सुखाने की मशीन) पर काम कर रहे गांव सिरसा के दो मजदूरों की हालत खराब हो गई थी। सीएचसी लाए गए मजदूर लाल बहादुर को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था। दूसरे मजदूर गांव निवासी राजेश शर्मा का इलाज बरेली के निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। राजेश की हालत गंभीर है।
सीएचसी में लाल बहादुर के पिता जोगराज और अन्य परिजनों ने राइस मिलर की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया। वहीं, राइस मिलर ने कार्यालय कक्ष अंदर से बंदकर करके अलाव तापने पर धुएं की वजह से दम घुटने का तर्क दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर लाल बहादुर का शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लाल बहादुर के परिजनों और करीबियों ने शव को मिल गेट के सामने एक वाहन पर रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर विधायक बाबूराम पासवान, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीण, मिल संचालक से लाल बहादुर के परिजनों को मुआवजा और राजेश का इलाज कराने की मांग कर रहे थे। बाद में राइस मिलर से लाल बहादुर के परिजन की हुई वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। लालबहादुर के पिता जोगराज ने बताया कि राइस मिलर ने छह लाख रुपये मुआवजा और घायल का इलाज कराने का आश्वासन दिया है। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि समझौता होने के बाद परिजन मान गए।