पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलखंड पर चार ट्रेनों को निरस्त किए जाने का आदेश जारी किया गया। इसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया है। अधिवक्ताओं ने ट्रेनों का निरस्तीकरण रद्द करने की मांग की है।
पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलखंड पर चार ट्रेनों के निरस्तीकरण के संबंध में बुधवार को ज्ञापन देने पहुंचे अधिवक्ताओं को स्टेशन अधीक्षक कक्ष में नहीं मिल सके। अधीनस्थ कर्मचारियों से उन्हें बुलाने के लिए भी कहा गया लेकिन उन्हें बुलाया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने छत पर बने संचालन कक्ष में जमकर हंगामा किया।
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मंगलवार आदेश जारी हुआ कि शाहजहांपुर रेलखंड पर चार ट्रेनों को निरस्त किया जा रहा है। ऐसे में देर रात अधिवक्ताओं ने वहां रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया। बुधवार को नौ बजे पीलीभीत पहुंचने वाली ट्रेन से आए अधिवक्ता व दैनिक यात्री पहले स्टेशन अधीक्षक कक्ष में पहुंचे, लेकिन वह वहां नहीं मिले। इसके बाद अधिवक्ता व दैनिक यात्रा परिसर में बनाए गए संचालन कक्ष पहुंचे। जहां स्टेशन अधीक्षत के न मिलने पर अधीनस्थों से बुलाने को कहा, लेकिन इसके बाद भी वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें नहीं बुलाया।
इसके बाद अधिवक्ताओं ने वहां हंगामा काटना शुरू कर दिया। मामले को बिगड़ता देख अधीनस्थों ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों की दी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने महाप्रबंधक के नाम संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। जिसमें ट्रेनों का निरस्तीकरण रद्द करने की मांग की है। इस दौरान अधिवक्ता समेत तमाम यात्री वहां मौजूद रहे।