पीलीभीत। पीलीभीत डिपो से प्रयागराज महाकुंभ जाने वाली बसों की संख्या 70 से बढ़कर 80 हो गई है। इन बसों को 23 जनवरी को प्रयागराज के लिए भेज दिया जाएगा। वापसी सात फरवरी को होगी।
इस अवधि में जिले की परिवहन व्यवस्था 22 बसों के भरोसे ही रहेगी। बसों के जाने से जिले के स्थानीय और लंबी दूरी मार्ग के यात्रियों को करीब 15 दिनों तक आवागमन में मुश्किलों का सामना करना होगा।
पीलीभीत डिपो से 102 बसों का संचालन किया जा रहा है। सबसे अधिक बसें दिल्ली मार्ग पर संचालित हो रही है। इसके अलावा बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, लखीमपुर आदि मार्गों पर भी बसें भेजी जा रही हैं।
प्रयागराज महाकुंभ के लिए पूर्व में डिपो से 70 बसों की मांग की गई, लेकिन मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यहां से 80 बसों को भेजने के लिए कहा गया है। यह सभी बसें 23 जनवरी से लेकर सात फरवरी तक प्रयागराज में रहेंगी।
ऐसे में स्थानीय डिपो से महज 22 बसों से जिले की परिवहन सेवाओं को संचालित किया जाएगा। इससे सवारियों को परेशानी होगी।
दिल्ली मार्ग पर 40 की जगह सात बसें ः पीलीभीत डिपो दिल्ली मार्ग पर 40 बसों का संचालन कर रहा है। कल से इस मार्ग पर सिर्फ सात बसें ही भेजी जाएंगी। बरेली मार्ग पर 12 बसें संचालित हैं। इस मार्ग से भी बसें हटाई जा रही हैं।
इसके अलावा शाहजहांपुर, पूरनपुर और टनकपुर मार्ग से भी बसों को कम किया गया है। बसों के जाने से सबसे ज्यादा दिक्कत बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग, पूरनपुर और टनकपुर मार्ग के यात्रियों को होगी। बीसलपुर और पूरनपुर से रोजाना दो हजार से अधिक लोग जिला मुख्यालय आवाजाही करते हैं।