- कमरे में लगी आग बुझाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसी
- जिला अस्पताल ले गए माता-पिता, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
- ससुराल से तीन दिन पहले ही पति के साथ आई थी मायके
शार्ट सर्किट से मकान के एक कमरे में लगी आग बुझाने गई 23 वर्षीय गर्भवती विवाहिता बुरी तरह झुलस गई। हादसा धधक रही कपड़ों की गठरी उसके ऊपर गिरने से हुआ। खेत सेे काम निपटाकर लौटे माता-पिता ने बेटी को झुलसी हालत में पड़ा देखा तो जिला अस्पताल लेकर गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के शौकतनगर निवासी किसान लोधराम की 23 वर्षीय पुत्री मीना देवी की शादी डेढ़ साल पहले जहानाबाद के सिरसी लदपुरा निवासी मोतीराम से हुई थी। मीना देवी छह माह की गर्भवती थी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर वह अपने पति मोतीराम के साथ मायके शौकतनगर आई थी। रविवार को उसके पिता लोधराम, मां चित्रा खेत पर पानी लगाने गए हुए थे। पति मोतीराम विवाहिता के ताऊ दयाराम के घर पर था। घर पर गर्भवती अकेली थी। सुबह करीब दस बजे मकान के एक कमरे में शार्ट सर्किट से आग लग गई। घर पर मौजूद मीना देवी आग बुझाने के लिए कमरे में घुसी। इसी दौरान धधक रही कपड़े की गठरी उसके ऊपर गिर गई, जिससे वह भी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। खेत पर काम कर वापस लौटे माता-पिता ने बेटी को झुलसी हालत में कमरे में पड़ा देखा तो दंग रह गए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई। विवाहिता को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिवारवालों से बातचीत कर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है। मृतका के दो छोटे भाई 16 वर्षीय शांतिस्वरूप और दस वर्षीय धर्मेंद्र हैं। हादसे के वक्त वह गांव में खेलने गए हुए थे। ससुरालवाले भी हादसे की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंच गए। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था।