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पूर्व मंत्री एवं बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के जेल जाने पर भी आए थे पीलीभीत

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पीलीभीत। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह के शनिवार रात निधन की सूचना ने न सिर्फ भाजपा बल्कि अन्य दलों में भी शोक की लहर दौड़ गई। कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन को लेकर हर भाजपाई की जुबां पर रहते थे। इससे पहले उन्होंने 1991 में सूबे में सरकार बनने से पूर्व जिले का दौरा किया था।
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पहली बार 1991 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी थी। राम लहर में कल्याण सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे । बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा उस दौरान दुग्ध विकास राज्यमंत्री बनाया गया था। अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिरने पर ही राज्यमंत्री रामसरन को बर्खास्त कर दिया गया था। इससे पूर्व 1991 में भाजपा की सरकार बनने से पहले कल्याण सिंह ने एक दिन में पूरे जिले का दौरा किया था। यहां कई सभाओं को संबोधित भी किया था। उनकी एक सभा देर रात शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर हुई थी। वर्ष 2009 में बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा को प्रशासन ने एक मामले में जेल भेज दिया था। तब रामसरन वर्मा से मिलने कल्याण सिंह जिला कारागार आए थे। जिले के भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू वीर सिंह के भी वह काफी करीबी थे और उनसे भी मुलाकात की थे। कई अन्य नेता भी उनके करीबी थे। निधन की सूचना पर बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार उर्फ मुन्नू ,उत्तर प्रदेश को ऑपरेटिव यूनियन के अध्यक्ष सुरेश गंगवार ,भाजपा नेता धीरेंद्र मिश्र आदि ने शोक व्यक्त किया है।
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