पीलीभीत। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता से अभद्रता और हाथापाई के मामले में पुलिस अब कार्रवाई का शिकंजा कस रही है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी लिए दबिश दी है। पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिए घटनाक्रम के चश्मदीद अधिवक्ताओं के बयान लेगी। साथ ही सीसीटीवी की रिकार्डिंग भी खंगालेगी।
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान 20 जून को अधिवक्ता से हाथापाई होने का आरोप है। अधिवक्ता सूरजपाल गौतम ने कोतवाली में घटना की एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में कहा गया है कि राहुल सक्सेना के जमानत प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। इस बीच मोहम्मद जावेद एडवोकेट, विधि छात्र इमरान चिश्ती, तारिक अली बेग, नदीम कुरैशी एडवोकेट, नाहिद खां समेत 20 अज्ञात लोग राहुल सक्सेना को गालियां दे रहे थे। उन्होंने बीच बचाव का प्रयास किया तो यह सभी लोग उनके साथ अभद्रता करने लगे और जान से मारने की नीयत गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया। सीओ सुनील दत्त ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई है। पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिए सीसीटीवी की रिकार्डिंग खंगालेगी और घटनाक्रम के चश्मदीदों के बयान भी लेगी।
वीडियो से पहचाने 50 चेहरे, अब शांतिभंग का जाएगा नोटिस
पूरनपुर। कोतवाली गेट पर एकत्र होकर आक्रोश जताने के मामले में पुलिस अब कार्रवाई का शिकंजा कसेगी। पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें सौ लोग दर्शाये गए हैं। वीडियो रिकार्डिंग से 50 लोगों के चेहरे पहचान लिए गए हैं। इनको अब शांतिभंग के अंदेशे का नोटिस दिया जाएगा।
एक व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो वायरल होने के बाद मोहल्ला कायस्थान निवासी अधिवक्ता राहुल सक्सेना के खिलाफ 18 जून को रिपोर्ट की गई थी। इसमें आपत्तिजनक टिप्पणी कर वीडियो वायरल करने का आरोप था। इसके विरोध में 18 जून को शाम मुस्लिम समाज के कई लोग कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पहुंचे। आरोपी पक्ष के कुछ लोगों की कोतवाली में उसने नोकझोंक हो गई थी। नोकझोंक करने वालों का कहना था कि धोखे से मेसेज वायरल हो गया। इसके लिए आरोपी अपनी गलती मान रहा है। मगर आक्रोशित लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए। हंगामा होने लगा। आक्रोशित लोग आरोपी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मोहल्ला रजागंज निवासी मोहम्मद अरबाज रजा की ओर से राहुल सक्सेना पर रिपोर्ट दर्ज की थी। तब आक्रोशित लोग शांत हुए थे। इसके बाद पुलिस ने धारा 144 लागू होने पर कोतवाली गेट पर एकत्र होकर आक्रोश जताने वाले 100 लोगों पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसकी जानकारी पर आक्रोश व्यक्त करने वालों में कार्रवाई का डर है।घटना के समय बनाई गई वीडियो से 50 लोगों के चेहरे पहचान लिए गए है। इनको शीघ्र ही शांतिभंग करने का नोटिस दिया जाएगा।
क्या होता है शांतिभंग का नोटिस
पूरनपुर। जिन लोगों से शांतिभंग होने का अंदेशा होता है पुलिस उन पर कार्रवाई करती है। इसके तहत सीआरपीसी की धारा 107/116 के तहत नोटिस देती है। नोटिस मिलने के बाद आरोपी को एसडीएम कोर्ट में हाजिर होना होता है। एसडीएम अपने विवेक पर उसे मुचलका पाबंद करते हैं। कितनी धनराशि से मुचलका पाबंद करना है। यह एसडीएम के विवेक पर रहता है। बाद में समय-समय पर हाजिरी देनी होती है।