पीलीभीत। बरखेड़ा क्षेत्र में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए शाहजहांपुर, बरेली और बदायू के चार आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास कर रही है। पुलिस आरोपियों का स्थानीय कनेक्शन तलाशने में जुट गई है। इसके लिए आरोपियों को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बरखेड़ा पुलिस ने सोमवार को थाना क्षेत्र के रपटा पुल के निकट से घेराबंदी कर चार आरोपियों को पकड़ा था। आरोपियों के पास से 2.90 लाख रुपये की नकली नोटों की करेंसी बरामद की गई थी। इसके अलावा नकली नोट छापने के लिए लैपटॉप समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए थे।
आरोपियों ने अपना पता रिजवान निवासी ग्राम दीपपुर थाना खुदागंज जनपद शाहजहांपुर, खलील अहमद निवासी ग्राम व थाना दातागंज जनपद बदायूं, अब्दुल सत्तार निवासी मोहल्ला नजरपुर कस्बा व थाना तिलहर जनपद शाहजहांपुर, फरियाद निवासी ग्राम भगवन्तापुर थाना फरीदपुर जनपद बरेली बताया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने जनपद में नकली करेंसी को ठिकाने लगाने आने की बात कही थी। ऐसे में पुलिस उनके स्थानीय कनेक्शन का पता लगाने में जुटी है। आरोपी ने नकली करेंसी को ठिकाने लगाने के लिए जनपद में आकर क्यों शरण ली? उनका स्थानीय मददगार कौन है? इन सब बिंदुओं पर पुलिस के साथ एसओजी की टीम पता लगाने में जुटी है। आरोपियों को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मुकेश शुक्ला ने बताया कि रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पर अमल किया जा रहा है। हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आरोपियों की संपत्ति की जांच की भी जा रही है।
तस्करी से जुड़े हो सकते हैं तार
नकली नोट बरामद होने के मामले में आरोपियों ने शाहजहांपुर निवासी आरोपी सत्तार के जनसेवा केंद्र पर नोट छापने की बात स्वीकार की थी। इसके साथ ही असली नोट के बदले दोगुना नकली नोट देने की बात भी कही थी। आरोपी अलग-अलग इलाकों पर जाकर सीधे-सीधे लोगों को धंधे में इस्तेमाल कर रहे थे। पीलीभीत आने के पीछे आरोपियों ने नकली नोटों को ठिकाने लगाने आने की बात कही, लेकिन जनपद से सटे नेपाल की सीमा होने के चलते घटना को तस्करी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस हर बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।