बीसलपुर। उपेंद्र आत्महत्या कांड में कोतवाली पुलिस ने विवेचना आगे बढ़ाने के क्रम में सोमवार को बैंक से उपेंद्र के हस्ताक्षर प्राप्त कर लिए हैं। अब विवेचना शुरू होने के आसार बन गए हैं। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष ने परिजनों से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी नगर पालिका के बर्खास्त कर्मचारी उपेंद्र शंखधर ने 13 जुलाई को उत्पीड़न से परेशान होकर घर में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। उपेंद्र ने मरने से पहले पांच पृष्ठ का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। उपेंद्र के भाई अनुराग शर्मा ने अगले दिन आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में पांच लोगों को नामजद किया गया था। कोतवाली पुलिस को अभी कोई ऐसा अभिलेख नहीं मिला था, जिससे वह सुसाइड नोट में अंकित उपेंद्र शंखधर के हस्ताक्षर से मिलान करती।
सोमवार को कोतवाली पुलिस ने बैंक से उपेंद्र के हस्ताक्षर वाला अभिलेख प्राप्त किया है। पुलिस ने बैंक से पूर्व में उपेंद्र की ओर से भुगतान के लिए दिया गया हस्ताक्षर युक्त चेक भी हासिल कर लिया है। पुलिस मृतक के परिजनों से भी उपेंद्र के हस्ताक्षर वाले कुछ अभिलेख प्राप्त करेगी। पुलिस उसको भी खोज रही है, जिसने उपेंद्र की जमीन कम दामों में बिकवाई है।
सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि पुलिस सुसाइड नोट में दी गई सभी बातों की गहनता से जांच कर रही है। बहुत जल्द विवेचना गति पकड़ लेगी। इधर, सपा के जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने अपनी टीम के साथ सोमवार को मृतक के घर जाकर परिजनों से वार्ता की। साथ ही उनकी हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।
जिलाध्यक्ष ने अब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि 24 जुलाई तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनकी पार्टी परिजनों की सहमति के आधार पर उसके बाद इस संबंध में आंदोलन करेगी। उनके साथ सपा के जिला उपाध्यक्ष भगवान दास प्रजापति ,वीरेंद्र यादव रामचंद्र पटवा ,लखविंदर सिंह ,दिनेश कुमार, अंग्रेज सिंह ,रूपलाल, बंटी शर्मा रहे।