पुलिस मुख्यालय से मिली स्वीकृति, सुधरेगी गश्त
सुरक्षा के लिहाज से शुरू की गई पवन मोबाइल सेवा को विस्तार देने की कवायद तेज हो गई है। शहर के सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाने के लिए पुलिस को मुख्यालय से आठ नई बाइक मिल रही हैं।
पुलिस में बाइक से गश्त (पवन मोबाइल) की शुरूआत से लोगों को काफी राहत मिली थी। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचने में पुलिस को काफी कम समय लगता है। इसके अलावा पुलिस की मौजूदगी का भी अहसास भीड़ के बीच रहता है। एक बार फिर पवन की दशा सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। जिले को पुलिस मुख्यालय से आठ नई बाइक मिलेंगी। इसके बाद उनको पवन मोबाइल का रूप देकर गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
2008 में हुई थी पवन मोबाइल की शुरूआत
जिले में पवन मोबाइल की शुरूआत वर्ष 2008 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मोहित अग्रवाल ने की थी। शुरूआत में इसका लाभ भी जनता और विभाग को मिला लेकिन बाइक के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।
एक जिप्सी, एक टाटा सूमो मिली
जीपों की कमी से जूझ रही जिले की पुलिस को प्रदेश मुख्यालय से एक टाटा सूमो और एक जिप्सी मिल गई है। इससे पुलिस के कामकाज में कुछ सुधार आने की उम्मीद है।