सपा जिलाध्यक्ष को धक्का देते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्ष 2006 में सपा कार्यालय के लिए आवंटित हुआ था भवन
शहर के नकटादाना चौराहा पर नगर पालिका के ईओ का आवास है। वर्ष 2006 में पालिका की ओर से इस आवासीय भवन को समाजवादी पार्टी के कार्यालय के लिए आवंटित किया गया था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में आवंटन का कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन इसके बाद भी कार्यालय संचालित किया जाता रहा। एक माह पूर्व कार्यालय को खाली कराने को लेकर पालिका प्रशासन की ओर से कवायद शुरू की गई थी।
सपा कार्यालय के बाहर तैनात पुलिस फोर्स
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार की ओर से सपा कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर 10 जून को कार्यालय खाली कराने की बात कही गई थी। ईओ की ओर से एसपी, सिटी मजिस्ट्रेट समेत अफसरों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया था। इस पर बीते मंगलवार को सपा कार्यालय खाली कराने की कार्रवाई शुरू हुई थी, लेकिन सपा पदाधिकारियों की मांग पर प्रशासन ने छह दिन का समय दिया था।
सपा कार्यालय से ताला खोलता कर्मचारी
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नगर पालिका ने भवन पर लिया कब्जा
प्रशासन की ओर से दिया समय पूरा होने पर बुधवार सुबह सपा कार्यालय को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई। अफसर पुलिस फोर्स के साथ सपा कार्यालय पहुंचे। कार्यालय खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसकी जानकारी मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। अफसरों की मौजूदगी में कार्यालय का ताला खोला गया। इसके बाद नगर पालिका ने भवन पर कब्जा लेकर अपना ताला लगा दिया।
पुलिस से सपा जिलाध्यक्ष की हुई बहस
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कई सपा नेता हिरासत में
कार्रवाई को लेकर सपा जिलाध्यक्ष की अफसरों से बहस भी हुई। इस दौरान पुलिस और सपाई के बीच धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू, यूसुफ कादरी, पिंटू यादव समेत 15 से अधिक पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। सभी को वाहन में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। कार्रवाई के दौरान नकटादाना चौराहा पर अफरातफरी की स्थिति रही।