पोर्टल में कनेक्टिविटी की आ रही समस्या
बिल्सी के गांव बादशाहपुर के हरिओम ने बताया कि दो बार जनसेवा केंद्र पर जा चुके हैं। पोर्टल ही नहीं चल रहा। काफी देर तक खड़े रहे। एक बार पोर्टल चला, जिसके बाद फीडिंग शुरू हुई, लेकिन फिर कनेक्टिविटी चली गई। इस कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अब इसको फिर जाकर कराएंगे।
जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि 4.50 लाख किसानों में से दो लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। कई किसान ऐसे हैं जिनकी कई जगह जमीन है। उनका डाटा नहीं मिल पाया है इसलिए कुछ दिक्कत आई है।
सीडीओ केशव कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिले में भी काम चल रहा है। यह बात सही है कि 31 जनवरी तक की तारीख दी थी, लेकिन जिले में फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। काम जारी रहेगा। पोर्टल चल रहा है।
बिल्सी में 52 गांव के 15 हजार किसान परेशान
बिल्सी तहसील में 52 गांव ऐसे हैं जो पहले चकबंदी में थे, अब राजस्व विभाग के पास आ गए हैं। इन गांवों का डाटा राज्य सरकार को पोर्टल पर दर्ज करना है, जो कि अब तक नहीं हो सका है। इस कारण 52 गांव के करीब 15 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री फंसी हुई हैं। बिल्सी में 63 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन 31 जनवरी तक 19 हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी।
चकबंदी विभाग से अभी अपलोड नहीं हुआ डाटा
बिल्सी के मोर सिंह ने बताया कि चकबंदी विभाग में खसरा-खतौनी के नंबर अपलोड नहीं हैं। जनसेवा केंद्र पर पहुंचे तो पोर्टल पर खाता नंबर डाला तो नाम व पते की पूरी डिटेल नहीं आई। इस कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। बताया गया कि चकबंदी विभाग से अभी डाटा अपलोड नहीं किया गया है।