फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीलीभीत सदर- बसपा ने बढ़ाई सपा की मुश्किल पर लड़ाई सपा बनाम भाजपा

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। सदर सीट पर 2002 से 2012 तक जीत की हैट्रिक लगाने वाली सपा के सामने उन्हीं के सबसे कद्दावर नेता हाजी रियाज अहमद के बेटे शाने अली ने आकर चुनौती बढ़ा दी है। हालांकि सदर में मुुकाबला सपा बनाम भाजपा ही बना है। हार-जीत के फैसले में अहम भूमिका निभाने वाला मुस्लिम वर्ग का कुछ हिस्सा अगर सपा की झोली से छिटक कर बसपा में जाता है तो सपा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस बार सपा ने कुर्मी कार्ड खेलते हुए भाजपा की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।
विज्ञापन

सदर सीट पर हाजी रियाज अहमद सपा का स्तंभ माने जाते थे। उन्होंने लगातार तीन बार सदर सीट पर जीत हासिल की। पिछले साल उनके इंतकाल के बाद सदर सीट पर सपा का समीकरण कुछ गड़बड़ाया। सदर में कुल 375568 मतदाता हैं, जिनमें 1.4 लाख मुस्लिम हैं। उम्मीद थी कि सपा हाजी रियाज अहमद के परिवार से ही किसी को उम्मीदवार बनाएगी। रियाज अहमद के बेटे शाने अली के साथ उनके दामाद आरिफ के बीच टिकट के खातिर मची खींचतान ने सपा का इरादा बदल दिया और भाजपा के कुर्मी उम्मीदवार के सामने दूसरा कुर्मी उम्मीदवार उतारकर बड़ा दांव खेला। पिछले विधानसभा चुनाव में सदर सीट से भाजपा के संजय सिंह गंगवार ने जबरदस्त जीत हासिल की थी। वजह थी मोदी लहर और कुर्मी वोट की एकजुटता, जिनकी संख्या करीब 68,000 है।
टिकट न मिलने से हाजी रियाज अहमद के परिवार ने बगावत करते हुए चुनाव में कूदने का एलान कर दिया। सदर सीट पर लगभग सभी दलों की निगाहें मुस्लिम वोटों पर रहती हैं और मौके को भुनाते हुए बसपा ने शाने अली को टिकट देकर सदर की लड़ाई और दिलचस्प बना दी। हालांकि कांग्रेस ने भी मुस्लिम उम्मीदवार शकील नूरी जो कि शाने अली के सगे मामा हैं को चुनावी रण में सारे समीकरण ही गड़बड़ा दिए। लोगों का मानना है कि सपा को इससे नुकसान तो होगा लेकिन मुस्लिमों का ज्यादा झुकाव सपा की तरफ है। लोगों का यह भी मानना है कि डॉ. शैलेंद्र सिंह गंगवार के आने से मौजूदा विधायक संजय सिंह गंगवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुर्मी वोट में सेंधमारी की चाल सपा की कामयाब होती दिखी। ऐसे में सदर सीट पर लड़ाई कांटे की हो गई है।
विज्ञापन

पिछले चुनाव की बात करें तो संजय सिंह गंगवार ने 136486 वोट हासिल करते हुए जीत हासिल की थी, जबकि रियाज अहमद को 93130 वोट मिले थे। बसपा के अरशद खां को 14532 वोट मिले थे। कुछ गांवों में जिस तरह से लोगों ने मतदान का विरोध किया और विकास न होने के मुद्दे उठाए उससे साफ है कि मौजूदा सरकार से को लेकर लोगों में नाराजगी है। बुधवार को हुई वोटिंग के दौरान जब लोगों से बातचीत हुई तो उनका यही मानना है कि सदर पर लड़ाई सपा बनाम भाजपा की है।
विज्ञापन

पीलीभीत सदर में मतदान, आंकड़े फीसद में हैं
9 बजे-पीलीभीत सदर-11
11 बजे-26.2
3 बजे -40.35
बाकी आंकड़े बाद में दिए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें