सांसद ने बेरोजगारी को लेकर सवाल खड़ा करते हुए लिखा है कि बिना कारण रिक्त पड़े पद, लीक होते पेपर, सिस्टम पर हावी होता शिक्षा माफिया और नौकरी को लेकर टूटती उम्मीदें, युवाओं को निराश करती हैं।
पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा है। सांसद ने सोमवार को अपने ट्वीट में कहा कि अपने कंधों पर पूरे परिवार की उम्मीदों का बोझ लेकर चलने वाले प्रतियोगी छात्रों का जीवन विगत कुछ वर्षों से एक लंबे संघर्ष की दास्तां बन चुका है।
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छात्र अब सिर्फ अपनी ‘पढ़ाई’ नहीं करता बल्कि अपने हक की ‘लड़ाई’ भी स्वयं लड़ता है। अरसे से लटकी भर्तियाँ और रेत की तरह फिसलता वक्त, छात्र हताश हो रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार कब ध्यान देंगे।
सांसद ने इसे लेकर सवाल खड़ा करते हुए लिखा है कि बिना कारण रिक्त पड़े पद, लीक होते पेपर, सिस्टम पर हावी होता शिक्षा माफिया और नौकरी को लेकर टूटती उम्मीदें, युवाओं को निराश करती हैं।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अब प्रशासनिक अक्षमताओं की कीमत भी स्वयं चुका रहे हैं। चयन सेवा आयोग कैसे बेहतर हो, परीक्षाएं कैसे पारदर्शी एवं समय पर हों, इस पर आज और अभी से काम करने की जरूरत है। अगर अभी ध्यान नहीं दिया तो देर हो जाएगी।