बाद में अभय के पिता ने कोर्ट के आदेश पर एक मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि ननिहाल वालों ने उसके पुत्र अभय को मार दिया। कोर्ट ने विवेचना कर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन न्यूरिया थाना पुलिस ने बिना जांच किए ही जीवित बच्चे को मृत दिखाकर प्राथिमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
नाती को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नाना
नाना ने 11 साल के अभय को हाईकोर्ट में हाजिर किया और बताया कि उनका नाती अभय जीवित है। न्यूरिया पुलिस ने हत्या की गलत रिपोर्ट दर्ज की है। हाईकोर्ट में याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद चरम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वह अभय को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां उसके जीवित होने के सबूत पेश किए।
मासूम बच्चे ने भी कोर्ट में गवाही देकर बताया कि वह जीवित है और अपनी ननिहाल में सुरक्षित रह रहा है। पिता ने उसके मामा और नाना पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें फंसाया है। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत के एसपी अतुल कुमार और न्यूरिया थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने का आदेश दिया है।