पूरनपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में भी लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले सक्रिय है। गांव बैल्हा के लोगों को लालच देकर प्रार्थना सभा करने, क्षेत्र के लोगों के अलावा नेपाल की किशोरियों, युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने का मामला पूर्व में कई बार सामने आया। अफसरों ने गांव पहुंचकर जांच भी की। कुछ आरोप सही निकले थे। हालांकि अब धर्म परिवर्तन के किसी भी मामले से अफसर इन्कार कर रहे हैं।
धर्म परिवर्तन कराने के मामले पूर्व में सामने आने पर नानक नगरी बैल्हा में स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की प्रबंध कमेटी के पदाधिकारी, सदस्यों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की थी। पत्र की प्रतिलिपि डीएम, एसपी को भी भेजी गई थी। पत्र में कहा गया कि गांव में हिंदू, सिख धर्म के लोग रहते हैं। एक धर्म विशेष के लोग एक व्यक्ति को लालच देकर उसके घर में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन करा रहे।
पत्र में कहा था कि क्षेत्र के लोगों के अलावा नेपाल देश की किशोरियों-युवतियों को बहला-फुसलाकर प्रार्थना सभा में बुलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया। पत्र में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक जसवंत सिंह, प्रेमचंद्र, गुरबख्श सिंह, जरनैल सिंह, गुरपेज सिंह आदि के हस्ताक्षर थे। शिकायत को अफसरों ने गंभीरता से लेकर जांच शुरू कराई। 24 जून 2024 को नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने हजारा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच थी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तब ही अफसरों को भेज दी गई थी। हालांकि अब क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अब धर्म परिवर्तन की घटनाएं नहीं हो रही हैं।
वर्जन
हजारा थाना क्षेत्र में धर्म परिवर्तन की शिकायत पर पुलिस और राजस्व टीम गांव गई थी। जांच में धर्म परिवर्तन का मामला नहीं मिला था। अक्सर कुछ लोग धर्म परिवर्तन की अफवाह उड़ा देते है। कई बार अधीनस्थों को भेजने के साथ स्वयं भी तहसीलदार के साथ पहुंचकर जानकारी की गई थी। गांव में एक ही समुदाय के दो पक्ष है। धर्म परिवर्तन को कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। - अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम पूरनपुर