पीलीभीत। आधार कार्ड से जुड़ीं सेवाओं को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर में नकटादाना चौराहे के पास आईसीआईसीआई बैंक में आधार सेवा केंद्र खोला गया है, लेकिन यहां व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है। सुबह दूर ग्रामीण क्षेत्रों से आकर लोग छह बजे से ही लंबी कतारों में लग रहे हैं, लेकिन मैन्युअल टोकन नहीं मिलने के चलते 9 बजे के बाद लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। भले ही केंद्र वातानुकूलित हो, लेकिन बाहर न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है न ही पीने के लिए पानी...। दूर-दराज से आ रहे बुजुर्ग व बच्चों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पूर्व में प्रधान डाकघर में लोगों को टोकन सुविधा मिल जाती थी व जल्दी पहुंचने वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टोकन बांटे जाते थे। लेकिन जब से शहर के नकटादाना के करीब यूआईडीएआई ने अपना स्वयं का आधार सेवा केंद्र खोला है, यहां सुविधाएं और अधिक मिलने की जगह दुविधाएं ज्यादा मिल रहीं हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे ही केंद्र के बाहर आकर दूर ग्रामीण लोग कतार में लग गए। पुरुष व महिला की एक कतार होने के चलते कुछ महिलाएं दूर खड़े होकर एहतराज करते दिखीं। जो लोग पहले पहुंचे उनका नाम चढ़ाया जा रहा था, जबकि कतार और भी लंबी होते जा रही थी। करीब नौ बजे तक आधार सेवा केंद्र पर दो सौ लोगों की भीड़ लग गई। कुछ लोगों ने बातचीत करने पर बताया कि जो लोग पहले आए उनका नाम चढ़ा लिया गया है, जबकि बाद में आए लोगों के लिए लंबी कतार होने की वजह से नाम चढ़ाए जा रहे हैं। जबकि आधार सेवा केंद्र पर कार्य 10 बजे के बाद नाम, पता, उम्र संशोधन सहित नए कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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किसी को पता बदलवाना था, कोई मोबाइल नंबर अपडेट कराने पहुंचा
कतार में खड़े लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि कोई आधार में नाम या पता संशोधित कराने आया था तो किसी को मोबाइल नंबर अपडेट कराना था। कुछ लोग नया आधार बनवाने और अन्य विवरण में बदलाव कराने के लिए सुबह-सुबह गांवों से रवाना होकर केंद्र पहुंचे थे। लोगों का कहना था कि एक दिन में काम नहीं होने पर दोबारा शहर आना पड़ता है, इससे समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
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पुराने इंतजाम में टोकन से मिलती थी राहत
आधार सेवा केंद्र शुरू होने से पहले प्रधान डाकघर में आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध थीं। वहां सुबह पहुंचने वाले लोगों को टोकन दिया जाता था। पहले 50 लोगों को प्राथमिकता के आधार पर उसी दिन सेवा मिल जाती थी, जबकि अधिक संख्या में पहुंचने वालों को अगले दिन के लिए टोकन दिया जाता था। इससे लोगों को घंटों एक ही जगह कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती थी। नई व्यवस्था में टोकन प्रणाली बंद होने के बाद अब पहले पहुंचकर लाइन में लगना ही काम कराने की पहली शर्त बन गया है।
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क्या बोले लोग
बेटे का आधार कार्ड ठीक कराने के लिए आए। नाम गलत होने के चलते मार्कशीट में भी नाम गलत पड़ा हुआ आ रहा है। सुबह छह बजे ही आ गए थे। - राजेश, जिरौनिया
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आधार कार्ड बनवाते समय तकनीकी खराब हो गई। फिंगर प्रिंट आदि नहीं लग रहा है। संशोधन करवाने आए हैं। - तारावती, प्रतापपुर
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बेटी का आधार कार्ड रिजेक्ट हो गया, दोबारा बनवाने के लिए कल आए थे, लेकिन भीड़ देखकर वापस जा रहे हैं। - मेहरबानो, चंदोई
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फिंगर प्रिंट आधार कार्ड में ठीक से नहीं लग पाया। इसकी वजह से दिक्कत होती है कल भी आना हुआ था। लेकिन भीड़ के चलते लौटना पड़ा। - राजीव, उगनपुर
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आधार कार्ड में जन्मतिथि में डेट गलत पड़ी है, जन्मतिथि ठीक कराने आना हुआ। भीड़ काफी है सुविधा बिल्कुल नही है। - सुमित, पचपेड़ा
वर्जन-
अगले सप्ताह से मिलेगी ऑनलाइन टोकन बुकिंग सुविधा
आधार सेवा केंद्र पीलीभीत में हाल ही में बनाया गया है। कुछ तकनीकी खराबी होने की बात सामने आई है। अगले सप्ताह से ऑनलाइन टोकन सुविधा लोगों को मिलेगी, घर बैठकर लोग टाइम स्लॉट बुक कर सकेंगे।
संदेश श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, यूआईडीएआई बरेली मंडल
वर्जन- सीडीओ
आधार केंद्रों पर जल्द ही काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो कलक्ट्रेट में नए केंद्र भी खुलवाया जाएगा। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इसके लिए काम किया जा रहा है।
- सतीश प्रसाद मिश्रा, सीडीओ
राजेश
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