बिलसंडा सीएचसी में लगी मैनुअल एक्सरे मशीन। संवाद
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बिलसंडा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीने और हड्डी से संबंधित समस्या से परेशान मरीजों को मजबूरी में बाहर से एक्सरे कराना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में मैनुअल एक्सरे होता है। उसमें स्पष्टता का अभाव रहता है।
सीएचसी पर रोजाना 200 से 300 मरीजों की ओपीडी होती है। नगर व आसपास के करीब 60 गांव के लोग सीएचसी पहुंचते हैं। इसमें क्षय रोगियों के अलावा अन्य समस्याओं से परेशान मरीज आते हैं। सुविधाओं की बात करें तो सीएचसी में मैनुअल एक्सरे की सुविधा है। मगर उसकी जांच में स्पष्टता न होने से मरीजों को सहूलियत नहीं मिल पा रही है।
कई बार सीने और हड्डी समेत अन्य मामलों में चिकित्सक डिजिटल एक्सरे कराने की सलाह देते हैं। अस्पताल में डिजिटल एक्सरे न होने से मरीजों को बाहर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। रोजाना करीब 10-15 मरीज डिजिटल एक्सरे के लिए निजी एक्सरे केंद्रों पर जाते हैं। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त जेब खर्च झेलना पड़ रहा है।
डिजिटल एक्सरे मशीन को लेकर अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जल्द ही मशीन आ जाएगी। इसके बाद मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। - डॉ. आलमगीर, सीएचसी अधीक्षक