पीलीभीत। अब स्थानीय ग्रामवासी ही शपथपत्र पर प्रधान की शिकायत कर सकेगा। इससे प्रधानों के खिलाफ की जाने वाली फर्जी शिकायतों पर अंकुश लग सकेगा।
ग्राम पंचायतों के विकास कार्याें में फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर आए दिन लोग प्रधानों की शिकायतें करते हैं। पंचायत चुनाव नजदीक है, ऐसे में जिला पंचायत राज कार्यालय में पहुंचने वाली शिकायतों का आंकड़ा भी बढ़ गया है। रोजाना कई लोग प्रधानों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए शिकायतें करने पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति को लेकर प्रधान संगठनों की ओर से शासन को पत्र भेजा गया था। इसमें मांग की गई कि शिकायत करने वाला गांव का निवासी होना चाहिए। शिकायत शपथपत्र दिए जाने पर ही स्वीकृत होनी चाहिए। प्रधानों की मांग को स्वीकृत देते हुए संयुक्त निदेशक ने डीएम और पंचायती राज अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा कि शिकायत कर्ता को गांव का होना अनिवार्य है। शिकायतकर्ता को आधार कार्ड व अन्य वैध पहचान पत्र के साथ ही शपथपत्र भी देना अनिवार्य होगा।
शिकायत झूठी मिलने पर कराई जाएगी एफआईआर
संयुक्त निदेशक ने पत्र जारी करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में मामला झूठा पाए जाने पर संबंधित शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। इससे झूठी शिकायतों पर भी अंकुश लग सकेगा।