पीलीभीत। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार सुबह ब्लड बैंक के बाहर मरीज के एक तीमारदार से साढ़े छह हजार रुपये में खून दिलवाने का सौदा करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ लिया। तीमारदार ने भी व्यक्ति द्वारा खून दिलवाने के लिए रुपये मांगने की बात स्वीकारी। अस्पताल के अधीक्षक ने पुलिस बुला ली और उसे पुलिस को सौंप दिया। इधर, कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपी कोतवाली में बैठा है, तहरीर का इंतजार कर रहे हैं। जबकि सीएमएस का कहना है कि तहरीर पुलिस को दे दी है। फिलहाल, मामले में कार्रवाई नहीं हुई है।
मंगलवार की शाम शहर के नखासे मोहल्ले का एक व्यक्ति जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के आसपास सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में काफी समय तक किसी से बातचीत करते हुए देखा गया। शक हाेने पर निगरानी बढ़ाई गई। बृहस्पतिवार को वह व्यक्ति फिर ब्लड बैंक के बाहर पहुंचा और एक तीमारदार से खून दिलवाने का सौदा कर रहा था।
गार्ड ने पहचानते हुए उसे पकड़ लिया, उसके साथ उस तीमारदार को भी पकड़ा। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर वहांं पहुंच गए और पूछताछ में तीमारदार ने संदिग्ध व्यक्ति द्वारा उसके मरीज के लिए खून की व्यवस्था के लिए साढ़े छह हजार की मांग करने की बात कही।
इसके बाद सीएमएस की ओर से कोतवाली पुलिस को ब्लड बैंक के बाहर खून दिलवाने के नाम पर रुपये वसूलते एक संदिग्ध व्यक्ति की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया व सीएमएस की ओर से मामले में तहरीर भी दी गई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया खून दिलवाने के नाम पर रुपये वसूली करने से पहले संदिग्ध को पुलिस ले गई है। पुलिस को तहरीर दे दी गई है। पुलिस के स्तर से कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि गार्ड की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। आरोपी युवक को कोतवाली लाकर पूछताछ की जा रही है। अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हो सकी है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।