पूरनपुर। गांव चतीपुर के समीप बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पहुंचे खुटार रेंजर को ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान अभद्रता के बाद रेंजर की पिटाई भी की गई। किसी तरह रेंजर वॉचर की बाइक पर सवार होकर भागे और जान बचाई। घटना की सूचना रेंजर ने विभागीय अफसरों को दी है।
घटना मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे गांव चतीपुर के पास की है। खुटार रेंजर मनोज कुमार ने बताया कि शाम के समय गांव चतीपुर के समीप टीम के साथ कैमरे लगाने, बाघ की लोकेशन को ट्रेस कराने पहुंचे थे। टीम में शामिल कर्मचारी आसपास क्षेत्र में बाघ के पगचिह्न तलाश रहे थे। इस दौरान बाघ होने का शोर मचाते हुए कई ग्रामीण लाठी-डंडा और भाला आदि लेकर वहां पहुंचे और उनपर हमला बोल दिया और मारपीट करने लगे। इस दौरान एक वॉचर के बाइक से आने पर वह किसी तरह बाइक पर सवार होकर भागे। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों ने उनकी टीम को घेर लिया। पूरे मामले की सूचना एसडीओ शाहजहांपुर को दी। एसडीओ शाहजहांपुर सुनील कुमार ने घटना की पुष्टि की।
घटना के बाद भी बाघ को खेत में घेरने का होता रहा शोर
रेंजर की पिटाई के बाद भी गन्ने के खेत में बाघ होने का शोर मचा रहा। गन्ने के खेत में वन विभाग की टीम के छिपने पर ग्रामीण खेत घेरे रहे। सेहरामऊ उत्तरी इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं। रेंजर की पिटाई की सूचना नहीं है। गन्ना के खेत में बाघ को घेरने की सूचना मिली है। वहीं शाहजहांपुर के सामाजिक वानिकी के एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि गन्ना के खेत में बाघ को घेरने की कोई सूचना नहीं है। अंधेरे में बाघ को घेरा नहीं जा सकता और न ही बेहोश किया जा सकता है।
वर्जन
वन दरोगा से जानकारी पर मालूम हुआ कि खेत के समीप भीड़ देख रेंजर अपनी गाड़ी छोड़कर जंगल में भाग गए। वन विभाग की टीम शाम तक खेत के समीप ही मौजूद थी। वन विभाग के अलावा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी इसकी जानकारी हुई है। रेंजर से मारपीट की सूचना शाम आठ बजे तक नहीं मिली है। - संजय सिंह, इंस्पेक्टर सेहरामऊ उत्तरी