भाजपा जिलाध्यक्ष पद
पर मौजूदा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार सहित पांच ने पर्चे दाखिल किए हैं।
वहीं प्रदेश परिषद के लिए भी नौ नामांकन हुए। चुनाव अधिकारी मेजर सुनील
दत्त द्विवेदी ने आपसी सहमति से जिलाध्यक्ष तय कराना चाहा, लेकिन किसी एक
नाम पर सहमति नहीं बन सकी। यही नहीं जिलाध्यक्ष पद को लेकर भाजपा तीन भागों
में बंटी नजर आई। लिहाजा चुनाव अधिकारी चुनाव से संबंधित सभी अभिलेख अपने
साथ ले गए। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश स्तर से ही जिलाध्यक्ष पद चुनाव की
घोषणा होगी।
भाजपा प्रदेश हाईकमान ने 11 सितंबर 2014 को सुरेश गंगवार
को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया था। तभी से वह इस पद पर हैं। वर्ष 2015 में पूरे
जिले में भाजपा ने मिस्ड काल के जरिए हजारों सदस्य बनाए। संगठनात्मक
प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही थी। बुधवार को जिला चुनाव अधिकारी सुनील
दत्त द्विवेदी और सहायक चुनाव अधिकारी कुंवर महाराज सिंह के समक्ष पांच
लोगों ने जिलाध्यक्ष पद पर पर्चे जमा किए।
इसमें मौजूद जिलाध्यक्ष
सुरेश गंगवार, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद कश्यप,
संजीव प्रताप सिंह और गुरभाग सिंह शामिल हैं। आम राय बनाने को प्रदेश
पदाधिकारियों ने सभी प्रमुख लोगों से अलग-अलग व सामूहिक रूप से काफी देर तक
चर्चा की, लेकिन बात नहीं बन सकी।
यही नहीं बुधवार को इस मुद्दे पर
पार्टी तीन गुटों में बंटी दिखाई दे रही थी। पार्टी का अनुशासन तार तार
होकर सड़कों पर न आ जाए इसलिए प्रदेश के नेता चुनाव संबंधी सभी कागजातों को
अपने साथ ले गए हैं। चुनाव अधिकारी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया नए
जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा प्रदेश स्तर से ही की जाएगी।