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दुष्कर्म में फंसे निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर के नाम अब जारी होगा आरोप पत्र, जांच अधिकारी नियुक्त

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पीलीभीत। दुष्कर्म के आरोप में फंसे राजकीय महिला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के नाम अब उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक आरोप पत्र जारी करेंगे। शासन ने संयुक्त निदेशक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वह दर्ज रिपोर्ट और अब तक की जांच पड़ताल के निष्कर्ष के आधार पर साक्ष्य लेकर आरोप पत्र तैयार करेंगे। आरोप पत्र का जवाब असिस्टेंट प्रोफेसर से लिया जाएगा। इसके बाद शासन अगली कार्रवाई करेगा। इस बीच पुलिस की ओर से आपराधिक मामले में विवेचना और कार्रवाई जारी रहेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित करने का निर्णय शासन स्तर पर मंगलवार को लिया गया था। निलंबन आदेश बुधवार को जारी किए गए। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव शमीम अहमद खान ने बताया कि ज्वाइंट डायरेक्ट को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी अब संबंधित प्रकरण से संबंधित साक्ष्य जुटाएंगे और आरोप पत्र जारी करेंगे। अगर असिस्टेंट प्रोफेसर जेल में है तो जेल में ही आरोप पत्र भेजा जाएगा। आरोप पत्र का जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कॉलेज में शैक्षिक माहौल बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने जो जांच की है, शासन स्तर पर उसका परीक्षण किया जा रहा है। उस मामले में भी कार्रवाई होगी।
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कार्रवाई पर एक नजर
21 नवंबर- बीएससी की छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ दुष्कर्म और सेक्स रैकेट के संचालन का आरोप लगाया। रिपोर्ट दर्ज कराई।
26 नवंबर- असिस्टेंट प्रोफेसर को पुलिस ने गिरफ्तार कर 27 नवंबर को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को जेल भेजा। प्रोफेसर जेल में है।
04 दिसंबर- निदेशक उच्च शिक्षा के आदेश पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम आई। छात्राओं, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और प्राचार्य के बयान लिए गए। जांच आख्या शासन को भेजी गई।
05 दिसंबर- पुलिस की विवेचना जारी है। सेक्स रैकेट के संचालन का जो आरोप था उस पर पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है। पीड़िता ने जांच के तरीके पर पर सवाल उठाए हैं।
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06 दिसंबर- शासन को जांच आख्या मिली। कार्रवाई के सवाल मंथन हुआ।
07 दिसंबर- शासन ने असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित करने और कॉलेज में शैक्षिक माहौल बहाल करने का निर्णय लिया।
08 दिसंबर- शासन ने असिस्टेंट प्रोफेसर का निलंबन आदेश जारी किया। विभागीय जांच शुरू हुई।
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