कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में वॉच टावर गिरने की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं कि पीटीआर के अधिकारियों की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। चूका के पास ही सैलानियों के लिए बने एक टॉवर की बल्ली टूटकर अलग हो गई है। ऐसे में इस टॉवर से कभी भी हादसा हो सकता है। जानकर भी जिम्मेदार बेखबर हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व आने वाले सैलानी यहां टावर पर चढ़कर प्राकृतिक नजारे का आनंद लेते हैं। सैलानियों की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व की ओर से सैलानियों के लिए चार वॉच टावर बनाए गए हैं। जिस पर चढ़कर सैलानी जंगल के साथ वन्य जीवों का दीदार करते हैं, लेकिन इन वॉच टावरों को लेकर पीटीआर के अधिकारी सतर्क नहीं हैं।
पीटीआर में लालपुल के पास बने वॉच टावर पर चढ़कर सैलानी नहर और जंगल का नजारा देखते हैं। इस वॉच टावर की एक बल्ली टूट गई है, जो हवा में लटक रही है। इससे पूरे टावर की मजबूती पर सवाल खड़ा हो गया है। बल्ली टूट जाने से वॉच टावर भी कमजोर हो गया है। सैलानियों के चढ़ने पर कभी भी हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति पिछले 10-12 दिनों से है। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन अभी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
पखवाड़ा भर पहले ही टावर टूटकर गिरने से घायल हुए थे सैलानी
टाइगर रिजर्व की पक्की पटरी के निकट वॉच टावर पर करीब 15 दिन पहले लखनऊ से आए 10-12 सैलानी चढ़ गए थे। एक साथ सभी के चढ़ जाने से टावर टूट गया था। इसमें दो सैलानी घायल हो गए थे। हालांकि यह टावर सैलानियों के लिए नहीं बना था। केवल वन विभाग के लोग ही इसका प्रयोग करते थे।
वॉच टावर की बल्ली टूटे होने की सूचना मिलते ही उसे सैलानियों के लिए बंद करा दिया गया है। जल्द ही इसकी मरम्मत करा दी जाएगी। - सहेंद्र यादव, रेंजर महोफ