बाघ को जंगल में न खदेड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
पूरनपुर। जंगल से निकला बाघ छुट्टा बछड़े को खा गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बछड़े के अधखाए शव को खेत में दफन कराया और पगमार्क ट्रेस किए। बाघ की निगरानी को कर्मचारियों को लगाया गया है। उधर, बाघ को जंगल में न खदेड़े जाने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव पिपरा मुजप्ता के पास शुक्रवार शाम की है। गांव से कुछ दूरी पर मैलानी, खुटार रेंज का जंगल है। जंगल से निकले बाघ की चार दिनों से गांव के आसपास चहलकदमी चली आ रही थी। एक दिन पहले बाघ ने गांव से करीब 200 मीटर दूरी पर लीलाधर के गन्ना के खेत में एक नीलगाय को निवाला बनाया था। शुक्रवार शाम को बाघ ने फिर गांव से करीब 300 मीटर दूरी पर रामसेवक के खेत में छुट्टा पशु का मार दिया। सूचना पर खुटार और मैलानी रेंज के वनकर्मियों ने छुट्टा पशु के अधखाए शव को दफना दिया।
बाघ के पगामार्क भी खेत के नजदीक मिले। बाघ की चहलकदमी को लेकर वनकर्मियों ने गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। चार दिनों से हो रही चहलकदमी और उसे जंगल में न खदेड़े जाने पर गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में संजय यादव, दीपचंद शर्मा, लालता प्रसाद, विजय चौहान, प्रमोद कुमार आदि शामिल थे।