पीलीभीत। सर्दी अभी रहेगी इसलिए बचाव के प्रति सतर्क रहें। बूंदाबांदी के बाद गुरुवार को दोपहर हल्की धूप निकली और कड़ाके की ठंड से थोड़ी सी राहत मिली लेकिन कुछ ही देर में धूप चली गई। अब 24 जनवरी तक बादल छाये रहने और बूंदाबांदी का अनुमान है। हालांकि बीच-बीच में मौसम साफ रह सकता है। कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी संभावना जताई गई है।
पिछले एक सप्ताह से शीतलहर कहर ढा रही थी। सर्द हवाओं के साथ गलन से लोग परेशान थे। बुधवार रात से मौसम ने करवट ली और बूंदाबांदी शुरू हुई जो सुबह तक जारी रही। दोपहर में धूप खिलने से ठंड से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गुरुवार को अधिकतम में कोई अंतर नहीं पड़ा लेकिन न्यूनतम एक डिग्री पारा नीचे जरूर आया। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ढाका के अनुसार अगले चार दिन तक बादल छाए रह सकते हैं। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी तो कुछ स्थानों पर ठीक-ठाक बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर ओले भी पड़ सकते हैं। उसके बाद मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
लापरवाही बिगाड़ सकती है आपकी सेहत
कड़ाके की ठंड और बारिश के चलते सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही आपको मुसीबत में डाल सकती है। वायरल फीवर, जुकाम, निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर के अनुसार इस समय वायरल फीवर और गले के इंफेक्शन के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बारिश में भीगने से बचें। गर्म कपड़े पहनें। उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्ग लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
फसलों को पहुंचेगा फायदा
बारिश होने से फसलों को फायदा पहुंचेेगा। इस समय गेहूं की फसल है। किसान सिंचाई भी कर रहे हैं। अगर बारिश होती है तो गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। हालांकि सरसों और दलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है। गन्ने की फसल को भी फायदा पहुंचेगा।
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सर्दी में ऊनी कपड़े और जैकेट की बिक्री बढ़ी
सर्दी में गुरुवार को सामान्य तौर पर तो बाजारों में सन्नाटा दिखा लेकिन ऊनी कपड़ों और जैकेट आदि की खरीदारी हो रही है। सर्दी में लोग जरूरत का सामान ही खरीद रहे हैं। फुटपाथ से लेकर दुकानों तक स्वेटर और जैकेट खरीदने वाले लोग दिखे। खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरत का सामान भी लोग ले रहे थे लेकिन सौंदर्य प्रसाधन, सराफा तथा कपड़ा बाजार में सन्नाटा दिखा। दुकानदार ग्राहक का इंतजार करते दिखाई दिए। संवाद