गजरौला क्षेत्र में नेपाली हाथियों ने उजाड़ी गन्ने की फसल।संवाद
गजरौला। माला रेंज के जंगल में कई दिनों से डेरा जमाए नेपाली हाथी किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। जंगल से बाहर निकलकर हाथी किसानों की गन्ने और गेहूं की फसलें उजाड़ रहे हैं। शुक्रवार रात भी हाथियों ने कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। किसानों के शोर-शराबा करने पर हाथी जंगल की ओर लौटे। रेंजर का कहना है कि हाथी महोफ रेंज के जंगल की ओर निकल गए हैं। टीम लगातार निगरानी में जुटी है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह पूर्व से करीब पांच नेपाली हाथियों की मौजूदगी बनी है। हाथी उत्तराखंड के सुरई और पीटीआर के महोफ और माला रेंज के जंगल क्षेत्र में घूम रहे हैं। चार दिन से यह हाथी महोफ रेंज के जंगल में हैं। रात होते ही जंगल से बाहर निकलकर फसलों को उजाड़ने लगते हैं।
हाथियों की सक्रियता के बाद पीटीआर की टीम भी सतर्क हुई। रेंजर के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम बनाकर हाथियों की निगरानी शुरू की गई, लेकिन रात के समय हाथियों का जंगल से बाहर निकलने का सिलसिला बना हुआ है। शुक्रवार रात भी हाथी जंगल से बाहर गोयल कॉलोनी, सिरसा सरदाह और नगफन की सीमा में पहुंचे।
सिरसा सरदहा गांव के पूर्व प्रधान सोनू सिंह की चार बीघा गेहूं और चार बीघा गन्ने की फसल को रौंद दिया। इसके अलावा गोयल कॉलोनी के सुखदेव, गोविंद, विश्वजीत की चार बीघा गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ। रेंजर रोबिन सिंह ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है।