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Pilibhit News: मीलों तक खुली नेपाल सीमा... बेरोकटोक आवाजाही से बढ़ा खतरा

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सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद - फोटो : आत्मरक्षा का प्र​शिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
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पीलीभीत। नेपाल से सटी सीमा कई किलोमीटर तक पूरी तरह से खुली हुई है। चिह्नित स्थानों पर बनी पिकेट में तो एसएसपी के जवानों की तैनाती रहती है, लेकिन कच्चे रास्ते, खेतों और जंगल के बीहड़ रास्तों की निगरानी नहीं की जाती। यही वजह है कि आतंकी और कुख्यात अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद तराई की ओर रुख कर रहे हैं। यहीं से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं।
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मंगलवार को कराई गई पड़ताल में चार गांव की सीमा और पांच किलोमीटर दायरे में सिर्फ दो स्थानों पर सीमा सुरक्षा बल के कुछ जवान मुस्तैद दिखे। शेष कच्चे रास्तों पर बेरोकटोक आवाजाही जारी रही। जनपद की सीमा नेपाल से मिली हुई है। करीब 40 किलोमीटर का दायरा पीलीभीत से लगा हुआ है। पिलर संख्या 17 से लेकर 28 तक के दायरे में कई गांव बसे हैं।
इस दायरे में दोनों देशों में आवाजाही के लिए दो-चार ही वैध रास्ते हैं। कई रास्ते कच्चे, खेतों और जंगल से होकर गुजरे हैं। वहीं पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अलावा नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी का भी बीहड़ इलाका पड़ता है। खुली सीमा पर इन रास्तों का प्रयोग कर अवैध गतिविधियां होती रहती हैं। खुली सीमा का अपराधी और आतंकी भी फायदा उठाने लगे हैं।
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सोमवार सुबह खालिस्तान समर्थक तीन आतंकियों के मुठभेड़ में ढेर होने की घटना के बाद फिर पूरनपुर क्षेत्र और नेपाल की सीमा सुर्खियों में आ गई। आतंकियों ने नेपाल भागने की फिराक में ही पूरनपुर क्षेत्र में आकर शरण ली, लेकिन भागने से पूर्व ही पंजाब पुलिस लोकेशन ट्रेस कर यहां पहुंच गई। इसके बाद संयुक्त ऑपरेशन में तीनों आतंकी ढेर हो गए। इसके बावजूद नेपाल सीमा पर चौकसी नहीं बढ़ाई गई। संवाद


पुलिस नदारद, एसएसबी की दिखी पहरेदारी
इंडो-नेपाल सीमा से सटे जनपद के गांव सुंदरनगर और बंदरभोज से होकर नेपाल जाने का कच्चा रास्ता है। मंगलवार करीब दो बजे गांव से होकर जाने वाले नेपाल के रास्तों की स्थिति को परखा गया तो यहां पुलिस का कोई कर्मचारी तैनात नहीं मिला। एसएसबी के जवान सुंदरनगर, बूंदीभूड़ गांव की सीमा में गश्त करते दिखाई दिए। इसके अलावा पांच किलोमीटर दायरे में सिर्फ नौजल्हा नंबर दो गांव के निकट एसएसबी के दो जवान गश्त करते नजर आए, लेकिन कच्चे रास्तों पर मुस्तैदी दिखाई नहीं दी। कुछ रास्तों पर दो-चार लोग बेरोक-टोक आवाजाही करते दिखे। यही हाल अन्य स्थानों पर भी है। चिह्नित प्वाइंट के अलावा बाकी स्थानों पर लोग बिना किसी पूछताछ के आवागमन करते हैं।

शारदा नदी के रास्ते भी अपराधियों के मददगार

जनपद के कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के रास्ते को भी अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पूर्व में तस्करी से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। नाव से नदी को पार कर बीहड़ रास्तों के सहारे नेपाल में घुसने की कोशिश भी की जाती है। पूर्व में नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी में शिकार के लिए घुसे लोगाें की धरपकड़ की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

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