पहाड़गंज। पहाड़गंज पर मंगलवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे ने पांच परिवार उजाड़ दिए। लोग यही कह रहे थे कि ऐसा हादसा किसी के साथ न हो। ग्राम प्रधान के पति शब्बीर अहमद ने बताया कि वह एक मामले में समझौता कराने जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलने पर पीड़ितों के घर चले आए।
पूर्व प्रधान तौफीक अहमद भी जरूरी कार्य से बीसलपुर जा रहे थे। घटना के बारे में सुनकर स्तब्ध रह गए। पेशे से मुंशी इम्त्यिाज खां ने बताया कि वह रोजाना की तरह तहसील जाने की तैयारी कर रहे थे। खबर मिलते ही उन्होंने तहसील जाने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया और पीड़ितों के घर पहुंच गए। पूर्व प्रधान बबलू ने बताया कि वह एक काफी जरूरी कार्य से बिलसंडा जा रहे थे। वह बिलसंडा जाने की बजाए पीड़ितों के घर पहुंच गए।
सूचना मिली तो हाथ से छूट गया चाय का कप - खुर्शीद के छोटे पुत्र अशरफ ने बताया कि वह चाय पी रहा था। हादसे की खबर मिलने पर उनके हाथ से चाय का कप छूट गया। फिर बरेली के लिए चले। खुर्शीद के पिता नसीब खां ने बताया कि लोग हादसे की बात कर रहे पर उन्हें यकीन नहीं हुआ लेकिन जब थाने से फोन आया था तब यकीन करना पड़ा।
खुर्शीद के भाई आकिल ने बताया कि वह रोज की तरह ऑटो ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तब तक हादसे खबर आ गई और वह बरेली चले गए। खुर्शीद के दूसरे भाई शाकिर ने बताया कि गांव वह गांव लभेड़ा की मस्जिद में मौलाना है, वह मस्जिद की दैनिक व्यवस्थाओं में लगे थे, तब तक हादसे की सूचना मिली। खुर्शीद की मां सुगरा बेगम ने बताया कि वह घर में झाड़ू लगा रहीं थीं। सूचना मिलने पर हाथ से झाड़ू छूट गई। वह वहीं पर बैठ गई।