हादसे में हुई माता-पिता की मौत- बिलख रहे हैं खुर्शीद व समीरन के बच्चे। संवाद
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पीलीभीत। खुर्शीद की असमय मौत से बच्चे पूरी तरह टूट गए हैं। बीमार मां की जिंदगी की दुआ मांग रहे बच्चों के सिर से मां के साथ पिता का भी साया उठ गया। पिता की जिम्मेदारी लेने वाला बड़ा भाई भी दुनिया छोड़कर चला गया।
गांव पहाड़गंज में खुर्शीद खां के छह बच्चे थे। जिसमें पुत्री एनुल की शादी कर दी। उससे छोटा 20 वर्षीय आरिफ, इसके बाद 18 वर्षीय शेरबानो, 16 वर्षीय साहिबा, 12 वर्षीय शायरा और दस वर्षीय पुत्र अशरफ है। बड़ी बेटी की एनुल की शादी हो गई। जबकि उससे छोटे पुत्र आरिफ की हादसे में मौत हो गई।
तीन बहन और एक भाई बचे हैं। असमय माता पिता का साया उठने के बाद बच्चों की आंखों के आंसू सूख चुके है। ढांढस बंधाने वालों से बच्चे मां- बाप के जाने की बात कहते है, तो उनकी भी आंखों के आंसू बहने लगते हैं।
परिवार चलाने में मददगार था जफर - हादसे में भरे गए जफर के पिता आकिल मजदूरी कर परिवार चलते है। जफर के छह भाई बहन थे। उससे छोटी बहन 19 वर्षीय इशरत, 16 वर्षीय भाई अजहर, 13 वर्षीय बहन इशमा, दस वर्षीय जोया, सात वर्षीय निशा शामिल हैं। जफर के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
वह मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते है। जफर पिछले आठ साल से दिल्ली में सिलाई का काम करता है। इससे परिवार चलाते में आर्थिक मदद पिता की करता था। उसके पिता आकिल और मां नूर बी जवान बेटे को खोकर टूट गए हैं।