बीसलपुर क्षेत्र में जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद वरूण गांधी । स्रोत - सांसद प्रतिन
पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी ने कहा कि यूपी में पिछले पांच सालों में 18 लाख से अधिक लोगों को नौकरी से हटाया गया। इससे बेरोजगारी और बढ़ी है।
सांसद वरुण गांधी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर जिले में पहुंचे थे। सांसद ने क्षेत्र के गांव अभय भगवंतपुर, सोरहा, मझगवां, रड़ेता, रोहनिया भूड़ा आदि गांवों में जनसंवाद कार्यक्रमों को संबोधित किया। साथ ही लोगों की समस्याएं सुनीं। सांसद ने कहा कि निजीकरण की वजह से यूपी के 18 लाख लोगों को पिछले पांच साल में नौकरी से हटाया गया है। यूपी पहले से ही बेरोजगारी की चपेट में था। अब इसमें 18 लाख लोगों का आंकड़ा और बढ़ गया है। सांसद बोले-सरकारी नौकरी पहले आम आदमी के लिए एक मात्र नौकरी थी। आसानी से मिल जाती थी। जब से निजीकरण हुआ तब से नौकरी पाना तो दूर उसके बारे में सोचना भी कठिन लगता है। यही वजह है कि भारत दो बन गए हैं। एक भारत में लोग आसानी से दौड़ रहे हैं, लेकिन दूसरे भारत का भट्ठा बैठता जा रहा है।
पिछले सात सालों में 28 करोड़ लोगों ने सरकारी नौकरी के लिए परीक्षाएं दीं, लेकिन नौकरी मात्र सात लाख लोगों को ही मिली। प्रत्येक वर्ष 15 लाख से अधिक इंजीनियर पढ़ाई कर निकलते हैं, लेकिन नौकरी मात्र 15 फीसदी लोगों को ही मिलती है। एक गांव का किसान कर्ज लेकर अपने बेटे को पढ़ाता है, लेकिन जब उसको नौकरी नहीं मिलती है तो सोचो उसके दिल पर क्या गुजरती होगी, जबकि आज के दौर में कर्ज लेकर पढ़ाई करना आसान नहीं है।
सांसद बोले कि एक अफसर या आर्मी का योद्धा बनने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है। अग्निवीरों से पांच साल सेवा लेने के बाद उनको निकाला जाएगा। गांव लौटने के बाद जब उनके पास गांव में कोई काम नहीं होगा तो भला वह क्या करेगा। क्या यह सेना का अपमान नहीं है।