पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में 21 मई से शुरू होने वाले समर कैंप में शिक्षकों के साथ स्वयंसेवी भी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। बच्चों के कौशल को बढ़ाने के लिए प्रत्येक गांव से दो-दो स्वयंसेवियों का भी चयन किया गया है। स्वयंसेवी गणित समझाने और सवाल हल करने में कमजोर बच्चों पर अधिक ध्यान देंगे। समर कैंप में बच्चों को बुनियादी क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
21 मई से बेसिक शिक्षा विभाग और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक कंपोजिट और जूनियर विद्यालयों में 10 जून तक समर कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में बच्चों की पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित सीखने की क्षमता को निखारा जाएगा। कैंपों में ज्यादातर ध्यान कक्षा चार से कक्षा आठ के ऐसे बच्चों पर रहेगा जिन्हें पढ़ने-लिखने व बुनियादी गणित को समझने और सवाल हल करने में समस्या है।
इसके लिए चयनित प्रत्येक गांवों में दो-दो स्वयंसेवियों का भी चयन किया गया है। स्वयंसेवी 12 से 15 ऐसे बच्चों का चयन करेंगे, जिन्हें गणितीय संक्रियाओं को समझने और हल करने में समस्या हो रही है। स्वयंसेवियों की ओर से ऐसे बच्चों के साथ कैंप में प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे शिक्षण गतिविधियां कराई जाएंगी। स्वयंसेवियों को संस्था की ओर से प्रशस्तिपत्र भी दिया जाएगा।
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के मंडल समन्वयक दुर्गेश मिश्रा की ओर से समर कैंप में जनपद पीलीभीत का नेतृत्व किया जा रहा है। स्वयंसेवी द्वारा प्रतिदिन बच्चों के साथ मुख्य रूप से वार्मअप, खेल एवं गणित संबंधित बातचीत, कहानी संबंधित गतिविधियां, शाब्दिक सवाल एवं माथा-पच्ची आदि गतिविधियां की जाएगी।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण जितेंद्र कुमार, समस्त एसआरजी टीम के अलावा खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी टीम की ओर से समर कैंप की तैयारियों की समीक्षा भी की जा रही है। जिला समन्वयक जितेंद्र कुमार ने बताया कि समर कैंप को लेकर तैयारियां की जा रहीं हैं।