पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्याह्न भोजन (मिड डे मील यानी एमडीएम) के लिए विद्यार्थियों को विद्यालय में ही बर्तन उपलब्ध कराए जाएं। किसी भी छात्र-छात्रा को घर से बर्तन लाकर विद्यालय में भोजन करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। डीएम ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। मानकों के विपरीत संचालित स्कूल तत्काल बंद कराने के निर्देश भी दिए।
डीएम ने जिलेभर में मान्यता प्राप्त विद्यालयों के सघन निरीक्षण कराने को लेकर कहा कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त विद्यालय की जांच कर यह देखा जाए कि उसे किन मानकों के आधार पर मान्यता प्रदान की गई थी और वर्तमान में विद्यालय उन मानकों को पूरा कर रहा है या नहीं। यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाया जाता है तो उसे तत्काल बंद कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जर्जर भवन भवन भी सही कराए जाएंगे। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि 13 अगस्त के अंक में संवाद न्यूज एजेंसी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर डीएम ने जर्जर भवनों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों का मूल्यांकन कराने और नियमानुसार उनकी नीलामी कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों में बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। संवाद
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हर विकासखंड में बनेगा एक सुपर मॉडल स्कूल
डीएम ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक सुपर मॉडल स्कूल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएं विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने ललौरीखेड़ा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल बरहा को उदाहरण के रूप में सामने रखते हुए अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह के विद्यालय तैयार करने पर जोर दिया।
स्कूलों में बनेंगी बाउंड्रीवॉल
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल निर्माण पर भी डीएम ने विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं है। वहां इसकी आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कार्रवाई की जाए। विद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
तिथि भोज में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को भी बुलाएं
डीएम ने बीएसए रोशनी सिंह को निर्देश देते हुए परिषदीय विद्यालयों में तिथि भोज का आयोजन कराने को कहा है। डीएम ने बताया कि तिथि भोज में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए और इसे बेहतर ढंग से आयोजित किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही विद्यालय और समाज के बीच सहभागिता को बढ़ावा देना है।