पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। करीब चार माह की प्रक्रिया के बाद 1.5 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट पूरी तरह से स्थापित कर दिया गया है। 2500 सोलर पैनलों से प्रतिदिन लगभग 7500 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे हर महीने बिजली बिल में लाखों रुपये की बचत होने के साथ अस्पताल परिसर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिलेगी।
लंबे समय से प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में 1.5 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट की स्थापना का कार्य चल रहा था, जो अब पूरा हो गया है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को बिजली बिल में बड़ी राहत मिलेगी। सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू होने के बाद संस्थान की बिजली पर निर्भरता कम होगी और भविष्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। मार्च माह में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए एक निजी एजेंसी से अनुबंध किया गया था।
अनुबंध के तहत मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और हॉस्टल परिसर में कुल 2500 सोलर पैनल लगाए गए हैं। सोलर प्लांट से प्रतिदिन करीब 7500 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे मेडिकल कॉलेज को प्रतिदिन लगभग 30 से 40 हजार रुपये तक की बिजली लागत में बचत होगी। पहले संस्थान का मासिक बिजली बिल लाखों रुपये तक पहुंच जाता था, लेकिन अब सौर ऊर्जा के उपयोग से इस खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज को संबंधित एजेंसी को उत्पादित बिजली के एवज में प्रति यूनिट 4.85 रुपये का भुगतान करना होगा, जो पारंपरिक बिजली दरों की तुलना में लगभग आधा है। संवाद
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सोलर पैनल स्थापना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इससे बिजली आपूर्ति में काफी सुधार मिलेगा व बिजली बिल की बचत भी होगी।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज