49 करोड़ की कार्ययोजना पर लग सकता है मुहर, अक्तूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है शिलान्यास
पीलीभीत। प्रदेश के पहले प्रस्तावित लेपर्ड सफारी पार्क की राह अब आसान होती दिख रही है। शासन को 49 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना भेजे जाने के बाद अब इसकी वित्तीय मंजूरी को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। नौ जुलाई को दिल्ली में होने वाली नेशनल कैंपा (प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) की बैठक में परियोजना के बजट पर अंतिम फैसला हो सकता है। यदि कार्ययोजना को मंजूरी मिलती है तो अक्तूबर के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत होने की संभावना है।
वन एवं वन्यजीव प्रभाग की पूरनपुर रेंज के गोपालपुर जंगल में करीब 1716 हेक्टेयर क्षेत्र में लेपर्ड सफारी पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के साथ तराई क्षेत्र में पर्यटन को सालभर बढ़ावा देना है। इसके लिए तैयार विस्तृत कार्ययोजना हाल ही में शासन स्तर पर हुई बैठक में मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह और प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके ने वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना समेत वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी थी। बैठक में वन मंत्री ने अधिकारियों को परियोजना की मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही पीलीभीत, नजीबाबाद, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों से रेस्क्यू किए जाने वाले तेंदुओं को इस सफारी पार्क में रखने के लिए अलग प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। शासन स्तर पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में परियोजना का शिलान्यास कराने की तैयारी चल रही है।
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि लेपर्ड सफारी पार्क तराई क्षेत्र की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसकी विस्तृत कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है। अब नौ जुलाई को होने वाली नेशनल कैंपा की बैठक में बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है। बजट मिलते ही परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संवाद