पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने के पांच दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। रविवार को अवकाश के बाद भी बैंक खुले रहे। बड़ी संख्या में लोग लेनदेन के लिए पहुंचे लेकिन करेंसी की कमी के चलते लोगों को कठिनाई हुई। एटीएम में भी पर्याप्त रुपये न होने से परेशानी और बढ़ गई। कई एटीएम दिन भर बंद रहे। वहीं शहर की इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई समेत अधिकांश बैंकों में धनराशि निकालने पहुंचे लोगों को इस लिए लौटना पड़ा क्योंकि बैंक में वितरण के लिए धनराशि नहीं थी।
न बड़े नोट अब तक बैंक में आये और न छोटी करेंसी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई। रविवार को मंडी सहित विभिन्न कार्यालयों व संस्थाओं में अवकाश के चलते बैंक व एटीएम के बाहर अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कुछ अधिक थी लेकिन दोपहर तक भीड़ में कुछ कमी देखी गई। सबसे ज्यादा परेशानी एटीएम के बंद होने और निजी बैंकों में करेंसी खत्म होने के कारण हुई। हालांकि स्टेट बैंक, पीएनबी, बीओबी सहित कई बैंकों में 100 और 50 रुपये के नोट पर्याप्त होने के कारण कोई दिक्कत नहीं हुई।
बीसलपुर। बड़े नोट बदलने व नोट जमा करने को क्षेत्र के सभी बैंकों में भारी भीड़ रही। करेंसी खत्म होने के कारण परेशानी बनी रही।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में रविवार को बैंक शाखाएं तो खुली, लेकिन अधिकांश बैंक शाखाओं में धनराशि न होने पर लेन देन नहीं हो सका। नगर के स्टेट बैंक शाखा और एक्सिस बैंक शाखा में भारी भीड़ रही। स्टेट बैंक से ग्राहकों को भुगतान में दस-दस के सिक्के जबकि एक्सिस बैंक से नए नोट दिए गए।
भगवंतापुर। गांव की बैंक शाखा में रुपये न होने से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत हुई। बैंक शाखा में न तो ग्राहकों से रुपये जमा किए गए और न ही विड्राल हुए। इससे लोगों में आक्रोश रहा।
चार की जगह दिए जा रहे दो हजार रुपये
नोट की कमी होने के चलते बैंक कर्मी किसी को लौटाना नहीं चाहते। इसलिए अधिकांश बैंकों में एक व्यक्ति को चार हजार के स्थान पर दो हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। इससे कम धनराशि में अधिक लोगों का काम चल जा रहा है। इसकी वजह से कुछ लोग आईडी बदलकर दूसरे बैंकों से भी रुपये बदलने जा रहे हैं।