पीलीभीत। कार खराब होने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल सवार छात्र को रोककर उसका अपहरण करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) श्वेता दीक्षित ने एक को पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दो अभियुक्तों की पत्रावली पृथक कर सुनवाई चल रही है। वहीं, सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है।
थाना पूरनपुर के गांव अभयपुर रुद्रपुर निवासी रंजीत सिंह ने थाना पूरनपुर में 10 मई 2006 को तहरीर देकर बताया कि वह पूरनपुर के एक काॅलेज में कक्षा 12 का छात्र है। वह दो मई 2006 को अपने घर से काॅलेज जाने के लिए बाइक से निकला था।
रास्ते में कार सवारों ने उसे रोका और जबरन कार में बैठाकर पलिया के जंगल में ले गए। परिवार की हैसियत पूछने के बाद उसे छोड़ दिया। आरोपियों ने उसकी बाइक को एक सप्ताह बाद उसके पास पहुंचने की बात कही।
पुलिस ने जांच के बाद मंजीत सिंह निवासी मकरंदपुर थाना पूरनपुर, सुखदेव सिंह उर्फ लाडी निवासी भरतुनिया फार्म सिकंदरपुर थाना मैलानी जिला लखीमपुर, जागीर सिंह निवासी ग्राम लालजीपुरवा मजरा सिकंदरपुर थाना मैलानी जिला लखीमपुर और अनीस उर्फ बिट्टू निवासी शेरपुर थाना पूरनपुर की घटना में संलिप्तता पाते हुए नामजदगी कर कार्रवाई की।
विवेचना के बाद दोष सिद्ध अभियुक्त मंजीत सिंह की पत्रावली न्यायालय में पेश की गई। दोनों पक्षों को सुनने, साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त को सजा सुनाई गई। सुखदेव सिंह और जागीर सिंह की पत्रावली पृथक कर सुनवाई चल रही है। वहीं,अनीस की मृत्यु हो चुकी है।