पीलीभीत। शासन के सख्त निर्देशों और यातायात सुधार के तमाम दावों के बावजूद जिले की सड़कों पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
रोडवेज बसों से लंबी दूरी के यात्रियों को भले ही कुछ राहत मिल रही हो, लेकिन जिले के भीतर गांव-कस्बों तक पहुंचने का सफर आज भी डग्गामार वाहनों के भरोसे है। जान दांव पर लगी हुई है, लेकिन सफर की मजबूरी में सुरक्षा के अरमान सिमट जाते हैं।
माधोटांडा, पूरनपुर, बीसलपुर, जहानाबाद, अमरिया और न्यूरिया जैसे प्रमुख मार्गों पर मैजिक और ईको वैनों का वर्चस्व है, जहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। क्षमता से अधिक सवारियां, मनमाना किराया और कई जगह बिना फिटनेस व परमिट के वाहन दौड़ रहे हैं।
ऐसे में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जब्तीकरण के निर्देश से जिले के लोगों में उम्मीद जगी है कि शायद अब सड़कें सुरक्षित हों और मजबूरी का यह खतरनाक सफर थमे।
विभाग के आंकड़ों में 944 अनफिट वाहन कार्रवाई के दायरे में : एआरटीओ कार्यालय के आंकड़ों की मानें तो जिले में 944 वाहन अनफिट हैं जो कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं। इसमें बाइक, कार समेत कमर्शियल वाहन शामिल हैं। मैजिक, टेंपो और ईको भी इस आंकड़े के दायरे में हैं। विभाग के अनुसार इन वाहनों पर कार्रवाई की जा रही हैं।
गौहनिया चौराहे पर माधोटांडा जाने के लिए खड़े डग्गामार वाहन। संवाद
गौहनिया चौराहे पर माधोटांडा जाने के लिए खड़े डग्गामार वाहन। संवाद
गौहनिया चौराहे पर माधोटांडा जाने के लिए खड़े डग्गामार वाहन। संवाद