पीलीभीत। जिले में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। बृहस्पतिवार को अचानक बदले मौसम के बाद तेज-आंधी के साथ बारिश हुई। बिलसंडा और बीसलपुर क्षेत्र में कई इलाकों में पेड़ गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। बिलसंडा में दीवार के मलबे में दबकर दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक छप्पर पोश मकान गिर गया। हालांकि शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश के बाद दिन भर उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
बृहस्पतिवार रात शहर में बारिश होने के अलावा बिलसंडा, बीसलपुर समेत अन्य इलाकों में तेज आंधी भी चली। इससे कई इलाकों में पेड़ गिर गए। वहीं शुक्रवार सुबह भी शहर में बारिश हुई। साढ़े आठ बजे के बाद धूप खिल आई। धीरे-धीरे धूप ने तेजी पकड़ी। उमस बढ़ने से लोग परेशान हुए।
शाम छह बजे के बाद मौसम कुछ सामान्य हुआ। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम 36.4 और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम 37.3 व न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री दर्ज किया गया था।
बारिश से गांव चौंसरा के पास रेलवे के अंडरपास में हुआ जल भराव
बीसलपुर। बृहस्पतिवार रात आई आंधी और बारिश से क्षेत्र के कई इलाकों में विद्युत तार टूट गए। इससे ठप हुई आपूर्ति शुक्रवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी। बिजली न आने से भीषण गर्मी में लोगों को काफी ज्यादा दिक्कत हुई। आंधी से पीलीभीत मार्ग, बरेली मार्ग, शाहजहांपुर मार्ग, खुदागंज मार्ग, बिलसंडा मार्ग, दियोरिया मार्ग, फरीदपुर मार्ग, पीलीभीत रेल मार्ग और शाहजहांपुर रेल मार्ग पर कुछ पेड़ उखड़कर गिर पड़े। शुक्रवार तड़के ही सड़कों और रेल मार्ग पर पड़े इन पेड़ों को हटा दिया गया। आंधी पानी से गाजी कमाल साहब मियां की मजार के पास चल रहे उर्स के मेले में काफी नुकसान हुआ है। बारिश से गांव चौंसरा के पास रेलवे के अंडरपास में जल भराव हो गया है। संवाद
आंधी और बारिश से सात घंटे गुल रही बिजली
बिलसंडा। बृहस्पतिवार देर रात तेज हवा के साथ हुई बारिश में बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। जगह-जगह पेड़ और पोल गिरने से बिजली गुल हो गई। इससे उपभोक्ता परेशान रहे। काफी मशक्कत के बाद बिजली संचालित हो सकी। पेड़ गिरने से 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। करीब सात घंटे के बाद बिजली को संचालित किया जा सका, लेकिन लोकल फॉल्ट से उपभोक्ता परेशान रहे। बंडा रोड पर पोल गिर गए। जेई हरिशंकर वर्मा ने बताया कि सभी फॉल्ट सही कराए जा रहे हैं। देर शाम तक पूर्ण रूप आपूर्ति संचालित कर दी जाएगी। संवाद
दीवार के मलबा गिरने से दो बकरियों की मौत
बिलसंडा। आंधी के साथ हुई बारिश होने से ग्राम पंचायत टेड़ा श्रीराम निवासी रामश्नेही की पक्की दीवार के मलबे में दो बकरियां दब गईं। लोगों ने मशक्कत कर बकरियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जगदेव सिंह ने दोनों बकरियों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उन्हें दफन करा दिया। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल रूपेश ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेज दी। इधर, नौगवां अम्बर में छप्परपोश घर गिर गया हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। संवाद
रीवैंप योजना का हाल बेहाल, गर्मी में चरमराई विद्युत व्यवस्था से हाहाकार
- दो बार बढ़ी समयावधि, फिर भी कार्य अधूरे, फॉल्ट की समस्या से उपभोक्ता परेशान
- विद्युत निगम के अफसर कर रहे 80 फीसदी काम पूरा होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। तमाम प्रयासों के बाद भी शहर में रीवैंप योजना का कार्य पूरा नहीं हो सका है, ऐसा तब है जबकि मियाद दो बार बढ़ाई जा चुकी है। जर्जर तार और टूटे खंभों के सहारे आपूर्ति मुहैया कराने से फॉल्ट की समस्या हावी है। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। विद्युत निगम के अफसर 80 फीसदी काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए नवंबर 2023 में रीवैंप योजना शुरू हुई थी। इसके तहत जिले में जर्जर खंभों और बिजली के तारों को चिह्नित कर उनके स्थान पर नए खंभे लगाए जाने थे। साथ ही खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के साथ नए फीडरों का निर्माण भी किया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सुस्ती के चलते लंबा समय बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसा तब है जब काम पूरा होने की मियाद दो बार बढ़ाई जा चुकी है।
नवंबर 2024 में समय अवधि को बढ़ाकर जून 2025 कर दिया गया। एक माह पूर्व शहर में जर्जर संसाधनों को बदलने पर कुछ ध्यान दिया गया, लेकिन अबतक कार्य अधूरा है। अधिकांश इलाकों में जर्जर तारों का मकड़जाल और पुराने हो चुके खंभों के सहारे ही आपूर्ति मुहैया कराई जा रही है। वहीं पुराने ट्रांसफार्मर भी मरम्मत के अभाव में काम छोड़ रहे हैं। इससे शहर में फॉल्ट की समस्या से अघोषित बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है।
रोजाना तीन-चार घंटे अघोषित कटौती झेल रहे उपभोक्ता
शहर में विद्युत आपूर्ति की बात करें को रोजाना तीन-चार घंटों की अघोषित कटौती लोग झेल रहे हैं। कहीं ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे हैं तो कहीं केबल जलकर टूट रहीं हैं। इसके अलावा कई बार जर्जर खंभे गिरने से हादसे भी होते हैं। कई ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं और केबल जलने का सिलसिला भी जारी है। भीषण गर्मी में आपूर्ति चरमराने से उपभोक्ता परेशान हैं।
दावा 80 फीसदी काम का, फिर भी अघोषित कटौती का शोर
विद्युत निगम के अफसरों का कहना है कि शहर में रीवैंप योजना का कार्य 80 फीसदी हो चुका है। शेष कार्य प्रगति पर है। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर में मई में गर्मी बढ़ने के बाद फॉल्ट की समस्या बढ़ गई है। हर तरफ जर्जर संसाधनों के चलते फॉल्ट हो रहे हैं। ऐसे में कार्य की प्रगति और गुणवत्ता पर भी उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं।
बीते 24 घंटे में पांच घंटे से ज्यादा गुल रही बिजली
बृहस्पतिवार देर शाम से शुक्रवार की शाम तक करीब पांच घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही है। जिससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शुक्रवार को भी शहर के अधिकांश मोहल्लों में बिजली कटौती का खेल जारी रहा। बिजली कटौती की समस्या को लेकर उपभोक्ता बिजली दफ्तर के अधिकारियों को फोन कर जानकारी करते रहे।
शहर में रीवैंप योजना का कार्य लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। कुछ दिक्कतों की वजह से शहर में फॉल्ट हो रहे हैं। इनको लेकर भी सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। - पंकज भारती, अधिशासी अभियंता
शहर में फाल्ट की समस्या के बाद मरम्मत करने पहुंचे कर्मचारी। स्रोत नागरिक
शहर में फाल्ट की समस्या के बाद मरम्मत करने पहुंचे कर्मचारी। स्रोत नागरिक
शहर में फाल्ट की समस्या के बाद मरम्मत करने पहुंचे कर्मचारी। स्रोत नागरिक