पीलीभीत। दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के चार साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) ने आरोपी को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 30,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
थाना सुनगढ़ी में सात मार्च 2016 को एक ग्रामीण ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि छह मार्च 2016 को उसकी आठ वर्षीय पुत्री गांव की एक अन्य लड़की के साथ खेल रही थी। शाम करीब सात बजे गांव का धर्मवीर राठौर बच्ची को बुलाकर ले गया। आरोपी का बच्ची के परिजन से लेनदेन का विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण उसने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और फिर बच्ची की हत्या कर दी। दूसरे दिन सात मार्च की सुबह बच्ची का शव एक खेत में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने धर्मवीर राठौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचना कर धर्मवीर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। राज्य सरकार की ओर से कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट विवेक कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया धर्मवीर राठौर बच्ची को बहला-फुसलाकर चीज तथा पैसों का लालच देकर जंगल में ले गया और दुष्कर्म किया, फिर अपराध छिपाने को हत्या कर दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने धर्मवीर राठौर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। मृतका अनुसूचित जाति की थी।