पीलीभीत। दिनदहाड़े पत्नी की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना बिलसंडा के ग्राम जमुनिया ताल्लुके ईंटगांव निवासी लालाराम ने बिलसंडा थाने में एक जनवरी 2020 को दी गई तहरीर में कहा कि उसकी बहन मीना की ससुराल ग्राम कनपरी थाना बिलसंडा में पति सियाराम ने हत्या कर उसके शव को रस्सी से लटका कर आत्महत्या दर्शाने की कोशिश की।
तहरीर के आधार पर बिलसंडा पुलिस ने मीना के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर चोटों के निशान और दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई। पुलिस ने पांच जनवरी 2020 को सियाराम के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुना। अभियोजन की ओर से कई गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। वहीं दूसरी ओर आरोपी पति ने खुद को बेगुनाह बताया। न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन करने और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाते हुए अभियुक्त सियाराम को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध ) राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने की।